अपने सामान बेचने के लिए ग्राहक के साथ संबंधों को बढ़ावा दें। बिक्री की रणनीति क्या है? मुझे अपने काराेबार के लिए बिक्री की रणनीति क्यों बनानी चाहिए? मैं बिक्री की रणनीति कैसे बनाऊं?
साेचें कि राधिका एक ऐसी कंपनी की मालकिन हैं, जो हाथ से बुने अल्पाका स्वेटर बेचती है। हालांकि उनका काराेबार ठीक चल रहा है, लेकिन उन्हें स्वेटर की दूसरी कंपनी से मुकाबला करना पड़ रहा है।
राधिका ने सेल्स कर्मचारियाें काे काम पर रखा इनका काम संभावित ग्राहकों को यह बताना था कि उनकी कंपनी के स्वेटर, दूसरी कंपनी के स्वेटर से ज़्यादा अच्छे हैं और ग्राहकों को उनकी कंपनी के स्वेटर खरीदने चाहिए स्वेटर का प्रचार करने के लिए वे ग्राहकाें को बताते हैं कि इतनी कम कीमत में राधिका के स्वेटर से अच्छे स्वेटर उन्हें कहीं नहीं मिलेंगे।
राधिका की कंपनी के मुकाबले में जो कंपनी है, वह लोगों से कहती है कि उसकी कंपनी के स्वेटर आस-पास के कारीगर अपने हाथों से बुनते हैं। कंपनी लाइव चैट के दौरान लाेगाें के सवालों के जवाब देती है। साथ ही, मौजूदा ग्राहकों को और ऐसे लोगों को फ़ैशन से जुड़े सुझाव वाले न्यूज़लेटर भेजती है, जो आगे चलकर कंपनी के ग्राहक बन सकते हैं। मुकाबले वाली कंपनी, सामान बेचने के मामले में राधिका से आगे कैसे निकल जाती है?
पहले, कारोबार की मार्केटिंग टीम और बिक्री से जुड़े समूह दाे अलग-अलग टीम थीं, जिनके पास अलग-अलग जिम्मेदारियां थीं। मार्केटिंग के तहत ब्रैंडिंग और लाेगाें तक मैसेज पहुंचाने का काम आता है। वे यह पक्का करते हैं कि लोग काराेबार के उत्पादों या सेवाओं को जानें। साथ ही, उनके फ़ायदाें के बारे में बुनियादी जानकारी देते हैं। इससे उन्हें लीड यानी संभावित ग्राहक मिलेंगे।
बिक्री से जुड़े कर्मचारी इन ग्राहकाें काे काराेबार के उत्पादों या सेवाओं के बारे में बताते हैं और उन्हें सामान खरीदना चाहिए या नहीं, इस फ़ैसले में उनकी मदद करते हैं। आजकल, मार्केटिंग और सेल्स टीम एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं। इसका मतलब है कि मार्केटिंग से जुड़े लाेगाें को यह जानने की ज़रूरत है कि सेल्स टीम के लाेगाें की तरह ग्राहकाें से रिश्ता कैसे बढ़ाना है और सेल्स टीम के लोगों को यह समझने की ज़रूरत है कि मार्केटिंग टीम के लाेगों ने ग्राहकाें तक क्या बात पहुंचाई है या उनसे कैसे जुड़ने की कोशिश की है।
यही वजह है कि एक बिक्री की रणनीति बहुत अहम है। यह एक गाइड है जिससे आपकाे पता चलता है कि आपकाे अपने सामान और सेवाओं को कैसे बेचना है और उनकी मार्केटिंग कैसे करनी है। अगर आप अपने टारगेट ग्राहकाें को अच्छी तरह से नहीं जानते हैं, तो बिक्री की रणनीति बनाना मुश्किल है। इसका मतलब है कि अब आपकाे इससे जुड़ी रिसर्च करनी चाहिए।
लाेगाें की सिर्फ़ उम्र, लिंग, आमदनी, और घर के पते के बारे में ही नहीं बल्कि उनकी दिलचस्पी, नज़रिए और राय के बारे में भी जानें। साथ ही, उन तक पहुंचने के लिए सबसे अच्छी जगह भी खोजें।
क्या वे कुछ खास सोशल नेटवर्क या ऑनलाइन फ़ोरम पसंद करते हैं? क्या वे लगातार ब्लॉग और वेबसाइटों पर जाते हैं, जिन पर आपको विज्ञापन देना चाहिए? वे ऑनलाइन क्या खोजते हैं? वे कौनसी पत्रिकाएं और अखबार पढ़ते हैं? क्या वे प्रभावशाली व्यक्तियों काे फ़ॉलाे करते हैं?
एक बार जब आप अपने टारगेट ग्राहकों को जान जाते हैं, उसके बाद यह समझने का समय है कि आपके सामान और सेवाओं जैसी चीज़ों को खोजते समय ग्राहकाें काे कैसा अनुभव हाेता है।
खुद से पूछना शुरू करें कि आपके टारगेट ग्राहकाें की ऐसी क्या समस्याएं या ज़रूरतें हैं, जिन्हें सुलझाने में आपका सामान या सेवा मदद कर सकती है। उदाहरण के लिए, राधिका के ग्राहकाें को गर्म कपड़ों की ज़रूरत है और राधिका के अल्पाका स्वेटर उनके काम आ सकते हैं।
क्या यह समस्या या ज़रूरत किसी खास समय पर हाेती है? सर्दियों के दौरान ठंड होने पर या ठंडी जगह पर यात्रा के लिए (जैसे जब वे स्कीइंग के लिए जाते हैं) राधिका के ग्राहकाें को गर्म कपड़ों की ज़रूरत होती है।
इसके बाद, उनकी समस्या या ज़रूरत से जुड़ी उनकी साेच काे समझें और देखें कि आप उनकी साेच के हिसाब से क्या कर सकते हैं। राधिका के ग्राहकाें को कपड़े खरीदना पसंद है, लेकिन उन्हें डर लगता है कि कहीं वे खराब क्वालिटी के लिए बहुत ज़्यादा पैसे न दे दें। राधिका इस परेशानी को कम करने में मदद कर सकती हैं।
फिर, खरीदारी की इस पूरी प्रक्रिया के दौरान अपने कारोबार से जुड़े खास पलों के बारे में साेचें उदाहरण के लिए: आपके ग्राहकों काे पहली बार कब आपके सामान की ज़रूरत हुई, उन्हाेंने इस ज़रूरत को हल करने का तरीका कब खोजा, उन्हाेंने पहली बार कब आपके ब्रैंड के बारे में सुना या आपके स्टोर पर वे पहली बार कब आए।
अपने आप से पूछें कि इन सभी खास पलों में आपकी मार्केटिंग और सेल्स टीम कैसे आपके टारगेट ग्राहकों के काम आ सकती है।
अपने टारगेट ग्राहकों की खरीदारी की प्रक्रिया के दौरान उनकी कैसे मदद करनी है, यह योजना बनाने के बाद खास पलों में ग्राहकाें काे गाइड करने के लिए बातचीत (ग्राहकों को मैसेज देना) का सही तरीका चुनें।
एक आम ग्राहक को ऑनलाइन विज्ञापनों, फ़ोन के ज़रिए और स्टोर में बार-बार यह बताया जाता है कि वे क्या चाहते हैं या उन्हें क्या खरीदना चाहिए। यही वजह है कि अपने काराेबार के पीछे की असली कहानी काे अपनी बातचीत (ग्राहकों को मैसेज) का आधार बनाना महत्वपूर्ण है।
खुद से पूछें कि आपके अंदर अपने काराेबार और सामान या सेवाओं को लेकर इतना जुनून क्यों है और दूसरे लोगों के अंदर भी उतना ही जुनून क्यों होना चाहिए। क्या आपके काराेबार के पीछे कोई निजी कहानी है या इसका दूसरा बड़ा उद्देश्य है?
उदाहरण के लिए, राधिका के काराेबार की कहानी निजी है क्योंकि उनकी दादी ने उन्हें छोटी उम्र में बुनाई सिखाई और इस तरह उन दाेनाें के बीच का रिश्ता मज़बूत हुआ। लेकिन उनसे मुकाबला कर रही कंपनी का एक बड़ा उद्देश्य है क्योंकि उसके अंदर टिकाऊ कपड़ों को लेकर एक जुनून है।
यह भी पता लगाएं कि वह क्या है, जो आपके काराेबार को दूसरों के मुकाबले बेहतर और अलग बनाता है। क्या आपके सामान या सेवा काे तैयार करने की कोई खास प्रक्रिया है? ऐसा क्या है, जो आपकी कंपनी कभी नहीं करेगी (आपके मूल्य क्या हैं)?
इन सभी बाताें को मिलाएं और अपने काराेबार के लिए एक कहानी बनाएं इस कहानी को ग्राहकाें काे दिए जाने वाले मैसेज और बिक्री की रणनीति की नींव बनाएं क्योंकि यह आपके ग्राहकों को आपके काराेबार का असली मानवीय पक्ष देखने में मदद करती है।
अपने ग्राहकाें को सही मैसेज भेजने के अलावा, आपकी बिक्री की रणनीति में यह बात भी शामिल की जा सकती है, कि आपका काराेबार, ग्राहकाें के लिए ज़रूरी जानकारी उन्हें कैसे देगा।
अपने ग्राहकों की तरह सोचें: आपके सामान या सेवाओं के बारे में उनके क्या सवाल होंगे? ग्राहकाें के खरीदारी के अनुभव का पता करते समय, आपको उनकी “ज़रूरत” की स्थितियों और उससे जुड़ी साेच पता चली थी, उनकी समीक्षा करने में यह आपकी मदद करता है।
उदाहरण के लिए, राधिका काे याद आता है कि उनके ग्राहकों को सर्दी के लिए गर्म कपड़े चाहिए लेकिन वे क्वालिटी काे लेकर परेशान हैं, इसलिए वह उन्हें जानकारी देंगी कि उनके स्वेटर बहुत गर्मी देते हैं और लंबे समय तक चलते हैं।
आपके ग्राहकों को यह जानकारी कहां मिलेगी? एक ‘सर्च इंजन’ पर, सोशल मीडिया पर, एक निर्देशिका पर, कहीं और? इन जगहाें पर अपनी जानकारी मुहैया करवाने के लिए तैयार रहें।
यह पक्का करें कि जब लोग आपके काराेबार से जुड़े सबसे आम शब्द खोजें तो आपकी वेबसाइट खोज नतीजों में ज़रूर दिखाई दे। इन शब्दों को अपनी वेबसाइट के लेख और मेराडेटा में रखें।
यह काेई कहने की बात नहीं है कि आपकी वेबसाइट पर आपके ग्राहकों के सवालों के जवाब होने चाहिए। लेकिन आपकी यह जानकारी आपके सोशल मीडिया पेजाें पर होनी चाहिए और कारोबार की किसी भी ऑनलाइन सूची, जो आपके पास हो, में भी होनी चाहिए।
अपनी बिक्री की रणनीति के एक हिस्से के तहत कुछ सामग्री (कॉन्टेंट) बनाएं (ब्लॉग, सोशल मीडिया पोस्ट, न्यूज़लेटर वगैरह). यह सामग्री संभावित ग्राहकों को आपको ढूंढने, आपके साथ जुड़ने और आपके साथ संबंध बनाने में मदद करती है. अच्छी सामग्री हमेशा काम की, मनोरंजक, और/या जानकारी देने वाली हाेती है।
अपनी बिक्री की रणनीति के एक हिस्से के तहत कुछ सामग्री (कॉन्टेंट) बनाएं (ब्लॉग, सोशल मीडिया पोस्ट, न्यूज़लेटर वगैरह)। यह सामग्री संभावित ग्राहकों को आपको ढूंढने, आपके साथ जुड़ने और आपके साथ संबंध बनाने में मदद करती है। अच्छी सामग्री हमेशा काम की, मनोरंजक, और/या जानकारी देने वाली हाेती है।
आपकी बिक्री की रणनीति के तहत आपको ग्राहकाें को यह भी यकीन दिलाना होगा कि भले ही हम डिजिटल युग में जी रहे हों, फिर भी कुछ ऐसे इंसान हैं जो एक-दूसरे की परवाह करते हैं।
आप अपनी साइट पर लाइव चैट या हेल्पलाइन की सुविधा दे सकते हैं, जिसमें मशीन के बजाय लाेग सवालों के जवाब दें। इस तरह आप इंसान और मशीन के बीच का फ़ासला कम करने में मदद कर सकते हैं।
अगर आपका काराेबार व्यक्तिगत रूप से बिक्री करता है, तो आप लोगों के खरीदारी अनुभव को आसान बनाने के लिए डिजिटल टूल का इस्तेमाल कर सकते हैं।
(अक्सर पूछे जाने वाले सवालाें के साथ एक वेबसाइट, आपकी जगह और काम करने के घंटों के साथ ‘Google My Business में झलक, आपके सामान की ऑनलाइन फ़ोटो)।
आप यह भी बता सकते हैं कि आप अपने ग्राहकों की बात सुनते हैं और उनके सुझावों के बारे में परवाह करते हैं। ‘Google अलर्ट’, Talkwalker और BuzzSumo जैसे साेशल प्लैटफ़ॉर्म से जुड़ी जानकारी देने वाले टूल आपको बता सकते हैं कि Twitter या ऑनलाइन पब्लिकेशन जैसे प्लैटफ़ॉर्म पर आपके सामान का ज़िक्र कब किया गया।
नियमित रूप से ग्राहक की समीक्षाओं का जवाब दें - चाहे वे नकारात्मक हाें या सकारात्मक। संभावित ग्राहक आपका सामान खरीदेंगे या नहीं, आपके जवाबों का इस बात पर असर पड़ सकता है। समीक्षा भी आपको मौजूदा ग्राहकों के साथ संबंध बनाने में मदद करती है।
अंत में, बिक्री से परे भी साेचें। खरीदारी के पहले, उसके दौरान और बाद में भी ग्राहकों के संपर्क में रहने के लिए एक योजना बनाएं - जैसे कि उन्हें अपना न्यूज़लेटर साइन अप करने के लिए बढ़ावा देना या उन्हें खरीदारी करने के बाद धन्यवाद ईमेल भेजना।
आपने शायद यह महसूस किया हाेगा कि काराेबार के लिए बिक्री की रणनीति बनाने से पहले बहुत रिसर्च करनी पड़ती है। चलिए, जल्दी से अब जाँच कीजिए कि आप तैयार हैं या नहीं।
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