अपने कारोबार को बढ़ाने के लिए रणनीति तैयार करें:
1. अपने कारोबार को कैसे बढ़ाना है, यह तय करने में मुझे किन बातों से मदद मिल सकती है?
2. कारोबार को बढ़ाने की योजना बनाते समय मुझे किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
3. वे कौनसी चीज़ें हैं जो एक लक्ष्य को दूसरे से बेहतर बनाती हैं?
मान लीजिए की पूर्वी और बंटी पार्टी में डीजे उपलब्ध कराने का कारोबार चलाते हैं, जिसे उन्होंने “PB & Jams” नाम दिया है। कारोबार इतना अच्छा चल रहा है कि अब ये दोनों कारोबार को बढ़ाने के बारे में सोच रहे हैं।
हालांकि, “PB & Jams” के कारोबार को बढ़ाने को लेकर दोनों मालिकों की सोच अलग-अलग है। पूर्वी को लगता है कि उन्हें ज़्यादा डीजे रखने चाहिए ताकि वे और ज़्यादा इवेंट का काम ले सकें। दूसरी ओर, बंटी को लगता है कि वर्चुअल डीजे ऐप्लिकेशन बनाना ज़्यादा बेहतर विकल्प है जिससे किसी भी पार्टी में जान आ जाएगी।
पूर्वी और बंटी, दोनों ही कारोबार को लेकर अलग-अलग तरह से सोच रहे हैं, लेकिन दोनों में से किसी ने भी कारोबार को बढ़ाने के बारे में सोचने पर ज़्यादा ध्यान नहीं दिया है। इन मतभेदों के बीच अब ये दोनों डीजे कारोबार के क्षेत्र में अगला कदम बढ़ाना चाहते हैं। हालांकि, इन दोनों के विकल्पों में से सबसे कारगर क्या लग रहा है?
अपने कारोबार को बढ़ाने की योजना बनाने से पहले अपनी कंपनी की मज़बूत और कमज़ोर कड़ियों का पता लगाएं। ऐसा करने के लिए आप कारोबार की ज़रूरतों का आकलन कर सकते हैं।
कारोबार की ज़रूरतों का आकलन करने के लिए ज़रूरी है कि आप बेमतलब की बातों पर ध्यान दिए बिना कारोबार के लक्ष्यों के बारे में सोचें। ऐसा करके आप पता लगा सकते हैं कि आप प्रबंधन, मार्केटिंग, बिक्री, वित्त और संचालन जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में कैसे सुधार कर सकते हैं।
इनमें से हर क्षेत्र में अपने कारोबार की कमज़ोरियों का पता लगाने से शुरुआत करें और इस बात पर ध्यान दें कि आप इनमें सुधार कैसे ला सकते हैं। इसके बाद, अपने कारोबार की मज़बूत कड़ियों का पता लगाएं और देखें कि क्या उनका इस्तेमाल करके आप कारोबार को इस तरह से बढ़ा सकते हैं, जिससे ग्राहकों को फ़ायदा हो।
जब आप अपने कारोबार की कमज़ोरियों को दूर करने के तरीके खोजेंगे और उसकी मज़बूत कड़ियों के सहारे आगे बढ़ने की योजना बनाएंगे, तभी आप जान पाएंगे कि अपने कारोबार को कैसे बढ़ाया जा सकता है।
आखिरकार, कारोबार इस तरह से बढ़ना चाहिए कि आप अपनी मर्ज़ी की ज़िंदगी जी सकें। आपके लिए जीवन-शैली के कई मतलब हो सकते हैं। शायद आप ज़्यादा से ज़्यादा पैसे कमाना चाहते हों, दूसरे शौक पूरे करने के लिए समय चाहते हों या अपने कारोबार के ज़रिए दूसरों की मदद करना चाहते हों। इस जीवन-शैली का मतलब इनमें से दो या तीन चीज़ें एक साथ करना भी हो सकता है।
इसलिए, हर कारोबार के लिए बढ़ने की अलग परिभाषा हो सकती है। कुछ के लिए इसका मतलब ज़्यादा कमाई करना या ज़्यादा कर्मचारियों की भर्ती करना हो सकता है। दूसरों के लिए इसका मतलब नई जगह, नए उत्पाद जोड़ना या बिक्री बढ़ाना होता है। आप भले ही इनमें से कोई भी तरीका चुनें, लेकिन आप कारोबार को कैसे बढ़ाना चाहते हैं यह आपकी मर्ज़ी है।
आपके लिए कारोबार को बढ़ाने का मतलब क्या है, इसे जानकर लक्ष्यों को पूरा करने के लिए अच्छी शुरुआत की जा सकती है। हालांकि, यह जानना भी ज़रूरी है कि मौजूदा समय में आपका कारोबार किस स्थिति में है।
कई लोग मानते हैं कि कारोबार और उद्योग के जीवन चक्र के चार चरण होते हैं:
1. स्टार्टअप
2. विकास
3. परिपक्वता
4. गिरावट
अपने कारोबार की स्थिति का पता लगाकर आप उन चुनौतियों के बारे में जान सकते हैं, जो कारोबार को बढ़ाते समय आपके सामने आ सकती हैं।
ऐसे कारोबार जो स्टार्टअप और विकास की स्थिति में हैं, शायद वे तेज़ी से बढ़ रहे हों। आपके सामने कारोबार को बढ़ाने और नए ग्राहकों तक पहुंचने से जुड़ी चुनौतियां होंगी। इसमें वित्तीय मदद और कर्मचारी ढूंढने के अलावा, सही तरीका खोजना भी शामिल हो सकता है।
परिपक्व कारोबार वे होते हैं, जो कई साल बीतने के बाद उस स्थिति में पहुंच गए हैं, जहां इन्हें कुछ नया करने के तरीके ढूंढने में परेशानी हो सकती है। इसका मतलब है कि इन कारोबारों को बढ़ने के नए क्षेत्र ढूंढने होंगे। ऐसा करके वे अपने उद्योग क्षेत्र में सफलता पाना जारी रख सकेंगे।
आपके कारोबार या उद्योग की सुविधाएं या उत्पाद शायद समय के साथ बाज़ार में कारगर न रहें। ऐसे में आपके कारोबार में गिरावट आ सकती है। यह गिरावट किसी अचानक होने वाली घटना की वजह से तेज़ी से भी आ सकती है या धीरे-धीरे भी आ सकती है। उदाहरण के लिए, जब प्रकाशन उद्योग को इंटरनेट के हिसाब से अपने कारोबार को ढालना पड़ा था।
ऐसे कारोबार जिनमें गिरावट आ रही है, उनके मालिकों को निराश होकर कारोबार बंद नहीं करना चाहिए – कारोबार को बढ़ाने के लिए नए सिरे से शुरुआत करना बहुत अच्छा होता है। उदाहरण के लिए, मार्केटिंग की कई कंपनियों ने लोगों तक पहुंचने के लिए टीवी के बजाय सोशल मीडिया का सहारा लिया और अपने कारोबार को बढ़ाया।
अब आपने कारोबार की ज़रूरतों का आकलन कर लिया है, आप जीवन-चक्र में उसकी स्थिति को समझ चुके हैं और यह भी जान गए हैं कि आपके कारोबार के लिए बढ़ने की परिभाषा क्या है। अब समय आ गया है कि आप अपने कारोबार को रणनीति के मुताबिक बढ़ाने के लिए योजना बनाएं।
कारोबार के विकास की रणनीतिक योजना बनाना, सफलता के सफ़र में मैप की तरह है। इसकी मदद से आप जान सकते हैं कि मौजूदा समय में आपकी कंपनी की स्थिति क्या है, आप उसे कहां ले जाना चाहते हैं और उस जगह पहुंचने का तरीका क्या होगा। उम्मीद है कि इस योजना की मदद से आप सफलता के रास्ते से भटकने से भी बच सकेंगे।
क्या आप जानना चाहते हैं कि योजना कैसे बनाई जाए? रणनीति के मुताबिक विकास की ज़्यादातर योजनाओं में तीन चीज़ें होती हैं: उद्देश्य; ताकत, कमज़ोरी, मौके, खतरे का आकलन और लक्ष्यों की सूची।
रणनीति की जानकारी के बारे में पता करने से आप जान पाते हैं कि आपकी कंपनी मुख्य तौर पर किन बातों पर ध्यान देना चाहती है – ये बातें कंपनी का “उद्देश्य” तय करती हैं।
सबसे पहले पता करें कि आपके कारोबार का मकसद क्या है। अगर आप हार्डवेयर के सामान की ऑनलाइन दुकान चलाते हैं, तो आपका मकसद दुनिया भर के लोगों के लिए औज़ारों का इस्तेमाल आसान बनाना हो सकता है। इसके अलावा, आपका मकसद यह भी हो सकता है कि सभी लोगों के पास औज़ार हों।
इसके बाद, देखें कि आपका कारोबार लोगों तक क्या सेवाएं और उत्पाद पहुंचा रहा है। देखें कि क्या आपको अपना मकसद पूरा करने के लिए कुछ और उत्पाद या सेवाएं पहुंचाने की ज़रूरत है। अगर ऐसा है, तो यह बहुत खुशी की बात है – क्योंकि हो सकता है कि आपने कारोबार को बढ़ाने का नया ज़रिया ढूंढ लिया हो।
आखिर में देखें कि आपके और आपके कारोबार के लिए कौनसे नैतिक मूल्य ज़रूरी हैं. कमाई का बराबर बंटवारा? पर्यावरण को लेकर ज़िम्मेदारी? कुत्तों का खयाल रखना? अपने उद्देश्य में नैतिक मूल्यों को शामिल करने से, आप अपने कारोबार को बढ़ाने के सफर में कारोबार के प्रति ईमानदार रहेंगे।
एसडब्ल्यूओटी आकलन की मदद से आप तय कर सकते हैं कि कारोबार को बढ़ाने के क्षेत्र में अगला कदम क्या होगा। अगर आपको अपने कारोबार के बारे में जानकारी नहीं है, तो आपको उसे बढ़ाने में परेशानी होगी।
आपने शायद अपने कारोबार की ज़रूरतों और उसकी स्थिति के हिसाब से ताकतों, कमज़ोरियों, मौकों और खतरों (एसडब्ल्यूओटी) का आकलन कर लिया हो। फिर भी, यह बहुत ज़रूरी है कि आप इस जानकारी को व्यवस्थित करें। ऐसा करके आप आने वाली चुनौतियों का सामना कर पाएंगे।
अपने कारोबार की ताकतों और कमज़ोरियों को ध्यान में रखने के साथ-साथ यह भी देखें कि आप बिक्री के डेटा या कारोबार से जुड़े दूसरे आंकड़ों पर भी ध्यान दें। साथ ही, पता करें कि इस जानकारी की मदद से आपको अपने कारोबार के लिए उद्देश्य तय करने में मदद मिल सकती है या नही। अपने मन की बात मानकर लक्ष्य तय करना अच्छा है, लेकिन ऐसा करते समय दिमाग से काम लेना भी ज़रूरी है।
अपनी बिक्री के आंकड़ों से हटकर सोचें कि आपके कारोबार और उद्योग के पास क्या मौके हैं और उसे किन खतरों का सामना करना पड़ सकता है। बाज़ार में बदलाव आने से आपका कारोबार ज़्यादा बढ़ सकता है, खासकर तब जब आप इन बदलावों के बारे में पहले से ही अनुमान लगा लें।
आपने अपने उद्देश्य तय कर लिए हैं और एसडब्ल्यूओटी आकलन भी कर लिया है। अब लक्ष्यों की सूची बनाने की बारी है। इससे आपको कारोबार को बेहतर तरीके से चलाने में मदद मिलेगी और आप अपने उद्देश्य पूरे कर पाएंगे।
आपने अपने उद्देश्य तय कर लिए हैं और एसडब्ल्यूओटी आकलन भी कर लिया है। अब लक्ष्यों की सूची बनाने की बारी है। इससे आपको कारोबार को बेहतर तरीके से चलाने में मदद मिलेगी और आप अपने उद्देश्य पूरे कर पाएंगे।
लक्ष्यों के बारे में ज़्यादा से ज़्यादा जानकारी देकर शुरुआत करें। उदाहरण के लिए, “मुझे बिक्री बढ़ानी है” जैसी बात से लक्ष्य के बारे में साफ़ तौर पर पता नहीं चलता। लक्ष्य को पूरा करने के लिए आपको नई दुकानें खोलने या नई सेवाएं देने की ज़रूरत होगी? लक्ष्यों के बारे में ज़्यादा जानकारी जोड़ने से आप अपने कारोबार पर ज़्यादा अच्छे से ध्यान दे सकते हैं।
लक्ष्यों के बारे में ज़्यादा जानकारी देने का एक मतलब यह भी है कि आप लक्ष्यों को आंकड़ों के तौर पर दिखा सकें। अगर आपका लक्ष्य “ज़्यादा लोगों की भर्ती करना” है, तो तब यह पता लगाना आसान होता है कि आपने अपना लक्ष्य पूरा कर लिया है जब आपने यह बताया होता है कि आप 30 के बजाय 10 कर्मचारियों को भर्ती करना चाहते हैं।
लक्ष्यों तक पहुंचने में लगने वाले समय को कम करके न दिखाएं। ऑनलाइन बिक्री को 50% बढ़ाने में छह महीने लगने वाले हैं या 12 महीने, यह तय करेगा कि आपको कितनी मेहनत करने की ज़रूरत है।
चाहे आपके लक्ष्य छोटे हों या बड़े, उन्हें इस तरह से तय करें जिससे आप उन्हें पूरा कर पाएं। छह महीने में ऑनलाइन बिक्री को 50% बढ़ाना सुनने में बहुत अच्छा लग सकता है, लेकिन क्या यह लक्ष्य आपकी कंपनी, ग्राहकों की संख्या और प्रतियोगियों के हिसाब से पूरा किया जा सकता है? अगर नहीं, तो आप अपने लक्ष्यों को कम कर सकते हैं।
आखिर में, ध्यान रखें कि आप कम समय के लिए जो लक्ष्य तय करें, वे आपके कारोबार के उद्देश्यों के हिसाब से हों। कारोबार बढ़ने से आपकी कंपनी में नए लोग, उत्पाद, सेवाएं और आइडिया जुड़ सकते हैं। अगर आप अपने कारोबार के मकसद को ध्यान में रखेंगे, तो आपका कारोबार सही तरीके से बढ़ेगा।
चाहे आपको कारोबार करते हुए कितने भी साल हुए हों, अपने कारोबार की ताकतों, कमज़ोरियों, मौकों और खतरों के हिसाब से लक्ष्य तय करने से आपका कारोबार लगातार बढ़ सकता है। क्या आप अपने कारोबार का एसडब्ल्यूओटी आकलन करने के लिए तैयार हैं?
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