ग्राहक संबंध प्रबंधन (सीआरएम) का इस्तेमाल करना: वह टूल जो ग्राहकों की ज़रूरतें पूरी करने के लिए बना है। ग्राहक संबंध प्रबंधन सिस्टम क्या है? इस तरह के सिस्टम से मेरे कारोबार में कैसे मदद मिलेगी? मैं इस सिस्टम का इस्तेमाल करके किस तरह शुरुआत करूं?
मान लीजिए एक ग्राहक ऐसे स्टोर में आता है जहां एंटीक (पुराना-अनोखा) सामान की बिक्री होती है। दुकान की मालकिन, विनीता बहुत असर डालने वाला अपना बिक्री कौशल दिखाती हैं।
विनीता की बातों से खुश होकर, ग्राहक 19वीं सदी की एक कुर्सी खरीदने का फ़ैसला कर लेता है। विनीता ग्राहक को सामान की जानकारी देती हैं और उनके बीच दोस्ताना बातचीत होने लगती है। विनीता को पता चलता है कि ग्राहक को एंटीक चीज़ें खरीदना अच्छा लगता है।
ग्राहक कुर्सी लेकर खुशी-खुशी स्टोर से चला जाता है। विनीता ग्राहक को अलविदा कहती हैं और उन्हें इस बात की खुशी है कि उन्होंने कोई सामान बेचा। कारोबार के मालिक के लिए यह एक शानदार स्थिति लगती है – लेकिन क्या यहां विनीता ने कोई मौका गवां दिया है?
ग्राहक संबंध प्रबंधन (सीआरएम) सिस्टम आसानी से खोजा जा सकने वाला ऐसा डेटाबेस है जो ग्राहक की जानकारी सेव करने और उसे ट्रैक करने में आपकी मदद करता है।
आधिकारिक से लगने वाले नाम को लेकर परेशान न हों। ग्राहक संबंध प्रबंधन (सीआरएम) सिस्टम को मुश्किल या तकनीकी तौर पर भारी-भरकम होना ज़रूरी नहीं है। हां, इस सिस्टम को पसंद के मुताबिक बनाया जा सकता है जिससे यह आपके कारोबार से जुड़ी खास ज़रूरतों पर ध्यान दे सके। लेकिन ग्राहक संबंध प्रबंधन (सीआरएम) एक आसान स्प्रेडशीट भी हो सकती है।
ग्राहक संबंध प्रबंधन (सीआरएम) की मदद से आपके कारोबार में आपके सभी ग्राहक डेटा को एक ही जगह पर व्यवस्थित ढंग से रखा जा सकता है। इससे आपके कारोबार में शामिल सभी लोग इस जानकारी का इस्तेमाल कर सकते हैं, इसे खोज सकते हैं, ट्रैक कर सकते हैं और अपडेट कर सकते हैं।
सारी जानकारी के व्यवस्थित और कैटलॉग (सूची) में बँटे होने से अपने ग्राहकों को सेगमेंट में बाँटना आसान हो जाता है। उदाहरण के लिए, आप उन्हें उनके रहने की जगह के हिसाब से, किसने क्या सामान खरीदा है इसके हिसाब से, किसने किसी खास दिन खरीदारी की है; इसके हिसाब से और इसी तरह आगे भी सेगमेंट में बाँट सकते हैं।
आपको इस ग्राहक डेटा से तेज़ी से अहम जानकारी मिल सकती है, जिसकी मदद से आप कुछ खास ग्राहकों तक पहुंचने के लिए अपनी मार्केटिंग और बिक्री की रणनीति अपनी पसंद के मुताबिक बना सकते हैं। इससे ग्राहकों के साथ बेहतर संबंध बन सकते हैं और बिक्री में बढ़ोतरी हो सकती है।
ग्राहक संबंध प्रबंधन (सीआरएम) सिस्टम का इस्तेमाल करने के लिए सबसे पहले यह पता लगाएं कि आपके कारोबार के लिए किस तरह की ग्राहक जानकारी अहम होगी।
आप अपनी पसंद के मुताबिक कई तरह का ग्राहक डेटा इकट्ठा कर सकते हैं (अगर ग्राहक अपनी जानकारी देना चाहें): नाम, उम्र, लिंग की जानकारी, जगह की जानकारी, ईमेल पता, फ़ोन नंबर, उन्होंने क्या खरीदा है, वे किस कंपनी में काम करते हैं, वे वहां किस पद पर हैं और इसी तरह की दूसरी जानकारी।
यहां तक कि आप यह भी रिकॉर्ड कर सकते हैं कि वे किस चैनल के ज़रिए (सोशल मीडिया, ऑनलाइन खोज, विज्ञापन, किसी से सुनकर, वगैरह) आप तक पहुंचे हैं और वे खरीदारी की किस स्थिति पर हैं: सिर्फ़ देख रहे हैं, खरीदारी करने के बारे में सोच रहे हैं या इसी समय खरीदने के लिए तैयार हैं।
आप अपने कारोबार के लिए किस तरह का डेटा इकट्ठा करना चाहते हैं, इसमें मदद के लिए इस बात पर गौर करें कि आपके टारगेट ग्राहक कौन हैं और किस तरह की जानकारी से आपको उनके साथ बेहतर संबंध बनाने में मदद मिलेगी।
जैसे कि, अगर आप 20 की उम्र के आस-पास के लोगों को फ़ैशनेबल स्नीकर (जूते) बेचते हैं, तो हो सकता है कि आप अपने ग्राहकों की उम्र, शौक और मनोरंजन से जुड़ी पसंद और नापसंद (संगीत, फ़िल्में वगैरह) की जानकारी इकट्ठा करना चाहें।
अगर आपका कारोबार दूसरी कंपनियों को सामान बेचता है, तो? आप उन कंपनियों में मौजूद अपने क्लाइंट का डेटा इकट्ठा करने के लिए ग्राहक संबंध प्रबंधन (सीआरएम) का इस्तेमाल कर सकते हैं – बेशक इसके लिए आपको सीधा-सादा तरीका ही अपनाना होगा।
जैसे कि, आप इस बात पर नज़र रख सकते हैं कि किसी ग्राहक के यहां बच्चा पैदा हुआ है और वह नहीं चाहता कि बच्चे के सोते समय उसे कोई कॉल आए या फिर क्लाइंट किसी खास खेल की टीम को बहुत ज़्यादा पसंद करता है।
वैसे भी, सावधानी रखें। इस तरह की जानकारी ई-कॉमर्स कंपनियों जैसे सभी कारोबारों के लिए सही नहीं हो सकती है। हो सकता है कि उन्हें (और उनके ग्राहकों को) ज़्यादा करीब आना और निजी बातें करना पसंद न आए।
ग्राहक संबंध प्रबंधन (सीआरएम) का इस्तेमाल करना यानी अपने ग्राहकों से ऐसे संबंध बनाना है जो दोनों पक्षों को सुविधाजनक लगे।
आप किस तरह की जानकारी इकट्ठा करना चाहते हैं, इसका पता चलने पर आप अपने लिए और अपने कारोबार के लिए सही ग्राहक संबंध प्रबंधन (सीआरएम) सिस्टम चुन सकते हैं।
Zoho या Salesforce जैसे कई तरह के ग्राहक संबंध प्रबंधन (सीआरएम) समाधान मौजूद हैं। कुछ महंगे हो सकते हैं और उनके लिए सेटअप, प्रशिक्षण और कुछ बदलाव करने की ज़रूरत हो सकती है। हो सकता है कि ये आपके कारोबार के लिए सही न हों, खासकर तब जब आपका काम एक आसान स्प्रेडशीट से ही पूरा हो सकता है।
इसलिए, ग्राहक संबंध प्रबंधन (सीआरएम) सिस्टम में बहुत सारी कोशिश और पैसा लगाने से पहले कुछ ज़रूरी बातें जाँच लें। क्या सिस्टम उस तरह के ग्राहक के लिए सही है, जिसकी जानकारी आप इकट्ठा करना चाहते हैं? क्या खास तरह का डेटा खोजना और अपने ग्राहकों को सेगमेंट में बाँटना आसान है?
साथ ही, यह भी जाँचें कि ग्राहक संबंध प्रबंधन (सीआरएम) सिस्टम में किस तरह की सुविधाएं मिल रही हैं, जैसे कि उसके सिस्टम के ज़रिए आपको पसंद के मुताबिक मैसेज और ईमेल भेजने देना। इस बात पर गौर करें कि क्या ये सुविधाएं आपके कारोबार के लिए अहम हैं।
ग्राहक संबंध प्रबंधन (सीआरएम) सिस्टम का इस्तेमाल शुरू करते समय आपका झुकाव पसंद के मुताबिक बनाने की ओर हो सकता है। लेकिन पसंद के मुताबिक बनाना महंगा हो सकता है। बेहतर यही है कि ग्राहक संबंध प्रबंधन (सीआरएम) सिस्टम की बुनियादी सुविधाएं इस्तेमाल करके उन्हें जाँच लिया जाए। साथ ही, आप जिस सिस्टम का इस्तेमाल कर रहे हैं, अगर वह आपके लिए काम नहीं कर रहा है, तो उसे बेझिझक बदल दें।
जब आपका चुना हुआ ग्राहक संबंध प्रबंधन (सीआरएम) सिस्टम काम करने लग जाए, तो उसका रख-रखाव ज़रूर करें और उसे नियमित रूप से नए ग्राहक डेटा की मदद से अपडेट भी करते रहें।
ध्यान रखें कि ग्राहकों से बात करने वाले आप अकेले नहीं होंगे और न ही नई जानकारी सिर्फ़ आपको मिलेगी। इसलिए, अपने ग्राहक संबंध प्रबंधन (सीआरएम) सिस्टम का एक्सेस भी सही लोगों को ही दें।
इसमें कैशियर, मार्केटिंग करने वाले लोग और आपके ग्राहकों से बात करने वाले सभी लोग शामिल होंगे। उन्हें न सिर्फ़ अपने डेटाबेस में जानकारी खोजने की मंज़ूरी दें, बल्कि उसमें जानकारी जोड़ने की मंज़ूरी भी दें। वे अलग-अलग तरीकों से ग्राहक संबंध प्रबंधन (सीआरएम) सिस्टम का इस्तेमाल कर अपना योगदान दे सकेंगे।
आप ग्राहक संबंध प्रबंधन (सीआरएम) डेटा का इस्तेमाल अपनी मार्केटिंग को पसंद के मुताबिक बनाने के लिए कर सकते हैं। यह ग्राहकों को भेजे जाने वाले ईमेल में उनके नामों का इस्तेमाल करने जितना आसान हो सकता है या फिर किसी ग्राहक ने आपके न्यूज़लेटर में जिस चीज़ पर क्लिक किया है, उसके मुताबिक आपकी वेबसाइट पर दिखाई देने वाले अलग-अलग सामान के सुझावों जितना बेहतर भी हो सकता है।
जब आपके ग्राहक संबंध प्रबंधन (सीआरएम) सिस्टम में ज़रूरी मात्रा में जानकारी जमा हो जाएगी, तब आप बिक्री, खरीदारी में दिलचस्पी (लीड) और अपने कारोबार के दूसरे लक्ष्यों के मुताबिक अपनी रिपोर्ट चलाना शुरू कर सकते हैं।
हर उस चीज़ पर रिपोर्ट चलाएं जो आपको अपने कारोबार के लिए अहम लगती है। चलाने में आसान रिपोर्ट “खरीदारी में दिलचस्पी (लीड) का स्रोत” हो सकती है, ऐसे में आप देख सकते हैं कि किन मार्केटिंग चैनल ने निवेश पर सबसे ज़्यादा मुनाफ़ा कमाया है।
लेकिन, आपके कारोबार के लक्ष्य क्या हैं, इसके आधार पर आप ऐसी रिपोर्ट भी चला सकते हैं जिनमें आपको सबसे ज़्यादा कारोबार देने वाले शहर, सबसे ज़्यादा बिकने वाले सामान, बिक्री से हुई कुल कमाई वगैरह जानकारी मिल सकती है।
सबसे अहम चीज़ जो याद रखनी है, वह यह है कि ऐसी कई छोटी-छोटी रिपोर्ट बनाई जाएं जिनकी समीक्षा करना आसान हो बजाय इसके कि ऐसी बड़ी और उलझी हुई रिपोर्ट जिसमें आपकी जानकारी की सारी चीज़ें शामिल हों।
चलिए हम ग्राहक संबंध प्रबंधन (सीआरएम) की शुरुआत ऐसे ग्राहक डेटा की एक सूची बनाते हुए करते हैं जिसे आप इकट्ठा करना चाहते हैं।
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