अपने कारोबार की मार्केटिंग करने के लिए सोशल मीडिया इस्तेमाल करना काफ़ी आसान लगता है। आप बस पोस्ट करते हैं, अपनी बात रखते हैं, और नए ग्राहकों का इंतज़ार करते हैं। लेकिन इसमें और भी बहुत सी चीज़ें शामिल हैं। आपकी हर एक पोस्ट एक बड़ी सोशल मीडिया रणनीति का हिस्सा होनी चाहिए। उदाहरण के लिए, मान लेते हैं कि पीटर पिज़्ज़ा पार्लर नाम का एक नया रेस्टोरेंट है, जो ग्लूटन और डेयरी से बनी चीज़ों के बिना पिज़्ज़ा बनाकर बेचता है।
(सोशल मीडिया पर बने रहना और अपना कारोबार आगे बढ़ाना। आगे आप पढ़ेंगे, मुझे सोशल मीडिया रणनीति बनाने की ज़रूरत क्यों है? पोस्ट करते समय मुझे किन चीज़ों पर ध्यान देना चाहिए? मैं अपने ब्रैंड की पहचान कैसे बनाऊं?)
लेकिन इसमें और भी बहुत सी चीज़ें शामिल हैं। आपकी हर एक पोस्ट एक बड़ी सोशल मीडिया रणनीति का हिस्सा होनी चाहिए। उदाहरण के लिए, मान लेते हैं कि पीटर पिज़्ज़ा पार्लर नाम का एक नया रेस्टोरेंट है, जो ग्लूटन और डेयरी से बनी चीज़ोंके बिना पिज़्ज़ा बनाकर बेचता है। पीटर ने अपने पिज़्ज़ा की मार्केटिंग करने के लिए सोशल मीडिया खाता बनाया है। अब वह नए पोस्ट करके नए फ़ॉलोअर बनाना चाहते हैं। लेकिन, पीटर यह कैसे पक्का करें कि उनके हर पोस्ट से उनके कारोबार को फ़ायदा पहुंचे?
आइए, जानते हैं।
सोशल मीडिया का अच्छी तरह इस्तेमाल करना, एक अच्छी डिनर पार्टी देने जैसा है। एक अच्छा माहौल बनाते हुए बातचीत और मज़ेदार चीज़ों को जारी रखना आपकी ज़िम्मेदारी है। पार्टी देने के लिए एक अच्छी योजना, खुले दिमाग, और अपने मेहमानों की पसंद और ज़रूरतों पर ध्यान देने की ज़रुरत होती है। यही बातें किसी सोशल मीडिया खाते को अच्छे तरीके से चलाने पर लागू होती हैं।
सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते समय आपको जिन चार चीज़ों पर ध्यान देना चाहिए वे हैं आवाज़, सामग्री, समय, और बातचीत। चलिए, इन सभी के बारे में ज़्यादा जानते हैं। आपको अपनी पहचानऔर मौजूदगी दर्शकों के हिसाब से तैयार करनी चाहिए। ऐसा करने के लिए आपको उन्हें बेहतर ढंग से समझना होगा। उन्हें किन चीज़ों में दिलचस्पी है? वे कहां रहते हैं? वे क्या करते हैं? वे कौनसी जगहों (या दूसरी सोशल मीडिया साइट) पर जाते हैं?
अगर आप दूसरी सभी चीज़ें भूल भी जाएं, तो यह ज़रूर याद रखें: अगर आप अपने दर्शकों को जानते हैं, तो आप अपनी पहचान बनाने का तरीका सकते हैं। अगर आप अपनी पहचान बनाने का तरीका ढूंढ लेते हैं, तो आप अपने दर्शकों तक पहुंच सकते हैं। अपने कॉन्टेंट को अपने घर में रखे फ़र्नीचर की तरह देखें। इससे आपकी पसंद-नापसंद का पता चलना चाहिए, बातचीत शुरू होनी चाहिए, और सारी सामग्री एक जैसी शैली में लिखी जानी चाहिए।
यह भी ज़रूरी है कि लोग आपकी सामग्री से सहज महसूस करें। सोशल मीडिया पूरी तरह से इस बात पर आधारित है कि आप अपने दर्शकों से कैसे जुड़ते हैं और अपनी मौजूदगी में उन्हें बेहतर कैसे महसूस कराते हैं। इसका मतलब है: सोशल मीडिया का इस्तेमाल सिर्फ़ खुद को या अपने प्रॉडक्ट को बेचने के लिए न करें। इसका इस्तेमाल अपनी कहानी बताने, अपने दर्शकों से जुड़ने,ने और भावनाएं ज़ाहिर करने के लिए भी करें।
अपने दर्शकों को अपने कारोबार के बारे में वे बातें बताएं, जो वे नहीं जानते। समाचार और ईवेंट शेयरकरें और काम करने के आसान तरीके और फ़ोटो पोस्ट करें। लोगों से उनकी राय पूछें और छुट्टियां, जन्मदिन, और खास मौकों के बारे में उन्हें बताएं। इससे ग्राहक का आपके ब्रैंड पर भरोसा बढ़ेगा। अपने दर्शकों से जुड़ने और उन्हें ज़रूरत से ज़्यादा जानकारी देने के बीच छोटा सा अंतर है। इसलिए सोशल मीडिया पर सही समय पर सही बात करना बहुत ज़रूरी है।
कभी-कभी बिना शेड्यूल के पोस्ट करना या लगातार दो बार पोस्ट करना ठीक है, लेकिन एक अच्छा संतुलन (जिसे लय भी कहते हैं) बनाए रखें। अपने दर्शकों पर बहुत सारी चीज़ें एक साथ पोस्ट न करें, लेकिन बिल्कुल शांत भी न रहें। हर प्लेटफ़ॉर्म पर हर दिन 1 या 2 पोस्ट से आपका काम बन सकता है – और ज़ाहिर सी बात है पोस्ट उस समय करें, जब आपके दर्शक आपकी पोस्ट पर सबसे ज़्यादा ध्यान दे पाएं। पीटर के लिए यह सुबह का समय, दिन भर अपना पिज़्ज़ा पार्लर चलाने के बाद और दोपहर के भोजन का समय हो सकता है, जब वे खाना खा रहे हों।
और आखिरी बात, याद रखें कि बातचीत केवल आपके बारे में ना हो। अपने दर्शकों को जानें – इनकी मदद से ही आप अपने कारोबार को आगे बढ़ा सकते हैं। उनसे सवाल पूछें। कोई चर्चा शुरू करें। जवाब दें। कॉल टू एक्शन का बेझिझक इस्तेमाल करें। अपने ग्राहकों से कुछ करने के लिए कहने का यह एक नया तरीका है। । । जैसे सेल के समय उनसे ऐसी फ़ोटो या कहानियां सबमिट करने या अपनी साइट पर भेजने के लिए कहना, जो आपके ब्रैंड से उनके जुड़ाव को दिखाती हों।
हां, हमने “सेल” शब्द का इस्तेमाल किया। कभी-कभी सोशल मीडिया के ज़रिए अपनी बिक्री बढ़ाना ठीक रहता है। लेकिन ऐसा करने के लिए, आपको अपने ग्राहकों का मनोरंजन भी करना होगा। सोशल मीडिया के बारे में सबसे अच्छी बात यह है कि इससे आप लगभग किसी से भी सीधे बात कर सकते हैं। ब्लॉगर, विशेषज्ञ, यहां तक कि मशहूर हस्तियां भी सोशल मीडिया पर आसानी से उपलब्ध होती हैं। अपनी मौजूदगी बढ़ाने के लिए उन तक पहुंचें। और जब उनमें से कोई आपके बारे में लिखे, तो उनकी पोस्ट शेयरकरें और उन्हें टैग ज़रूर करें।
चलिए, देखते हैं कि General Electric (GE) ने अपने कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए सोशल मीडिया का कैसे इस्तेमाल किया। अपने आप को सिर्फ़ “उपकरण” बनाने वाले ब्रैंड से ऐसे ब्रैंड में बदलने के लिए जिससे दिमाग में नए विचार और तकनीक आते हैं, GE ने सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया। सबसे पहले, उन्होंने अपनेटारगेट दर्शक तय किए: आने वाले समय के बारे में सोचने वाले, नए विचारों से सराबोर, और स्वास्थ्य, परिवहन और शहरों के इंफ्रास्ट्रक्चर में दिलचस्पी रखने वाले। इन दर्शकों तक पहुंचने के लिए, GE ने अपने ब्रैंड की एक मज़ेदार लेकिन जानकारी देने वाली पहचान बनाई।
पोस्ट के लिए, GE ने देखने में अच्छी लगने वाली इमेज, वीडियो, लिंक, और सवालों का इस्तेमाल किया। उदाहरण के लिए, वे रोबोट पर काम करते हुए अपने वैज्ञानिकों की फ़ोटो शेयर करेंगे, जिससे कंपनी का तकनीकी और मानवीय, दोनों पहलू दिखाई दें। GE की सामग्री भी हमेशा इनमें से किसी एक विषय पर होती है: इस सबके बाद होने वाले फ़ायदे (कैसे GE के प्रॉडक्ट ने एक बेहतर दुनिया बनाने में मदद की है), GE के कर्मचारी, और आइए कहानियां जो बताती हैं कि GE के नए विचारों ने लोगों की ज़िंदगियों को कैसे छुआ।
एक मज़बूत और एक-जैसी पहचान का इस्तेमाल करके और सोशल मीडिया को सिर्फ़ अपने प्रॉडक्ट तक सीमित न रखकर, GE ने पूरी दुनिया को अपनी सामग्री के बारे में बात करने पर मजबूर कर दिया। अब जब आप यह सीख चुके हैं कि सोशल मीडिया में पहचान बनाने के लिए क्या-क्या करना होता है, तो आप अपनी पहचान बनाना शुरू कर सकते हैं।
सामाजिक विज्ञापन रणनीति: फ़ोकस, शोध, मापन
मान लें कि महावीर पश्मीना नाम की कंपनी शॉल बेचती है – आपका अनुमान सही है – ये शॉल पश्मीना के ऊन से बने है। महावीर पश्मीना सोशल मीडिया पर विज्ञापन दिखाना चाहती है, ताकि लोग यह जान सकें कि वह सेल में शॉल बेच रही है। कंपनी तय नहीं कर पा रही है कि अपने विज्ञापन में क्या कहे, लेकिन उसे “इना-मीना-पश्मीना” जैसे जुमले पसंद हैं, क्योंकि यह मनोरंजक है और ध्यान खींचता है। इसलिए वह इसे विज्ञापन के शीर्षक के रूप में उपयोग करती है और उसमें शॉल का खूबसूरत सा फ़ोटो भी डालती है। वह अपना विज्ञापन देती है और अपने पसंदीदा सोशल नेटवर्क को रकम चुका कर सोचती है कि उसका काम पूरा हो गया। आप पहले ही अंदाज़ा लगा सकते हैं कि महावीर पश्मीना का विज्ञापन काफ़ी ज़्यादा प्रभावशाली साबित नहीं होगा। विज्ञापन के शीर्षक से आगे बढ़ कर सोचें कि महावीर पश्मीना से कहां गलती हुई?
अगर सोशल मीडिया विज्ञापन (वे विज्ञापन जो सोशल नेटवर्क पर विज्ञापन और प्रचारित पोस्ट प्रदर्शित करते हैं) को सही ढंग से किया जाए तो उनकी सहायता से आप अपने उन ग्राहकों से बड़े अच्छे से जुड़ सकते हैं जिन तक आप पहुंचना चाहते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि सोशल मीडिया विज्ञापन आप को व्यवसाय, रुचि, स्थान, लिंग और सोशल नेटवर्क पर लोगों ने जो जानकारी साझा की है उसके आधार पर आपके ग्राहकों तक पहुंचाते हैं। ये विज्ञापन आपको यह भी पता करने देते हैं कि वो कितने असरदार हैं, कुछ-कुछ किसी अंदरूनी मूल्यांकन प्रणाली की तरह। आप यह पता कर सकते हैं कि आपके कॉल-टू-एक्शन (CTA) के आधार पर विज्ञापन से कितने लीड मिले हैं और/या कितने लोगों ने साइन-अप या दूसरी कार्रवाई की।
अपने सोशल मीडिया विज्ञापनों से ज़्यादा से ज़्यादा फ़ायदा लेने के लिए उन्हें रणनीतिक रूप से बनाएं और चलाएं। आप जिन ग्राहकों तक पहुंचना चाहते हैं उनके बारे में खोजबीन करें, एक लक्ष्य सेट करें, अपने विज्ञापन के रचनात्मक तत्वों को बनाएं और उनका परीक्षण करें और विज्ञापन से होने वाले फ़ायदे (ROI) का आकलन करें। सबसे पहले यह देखें कि सामाजिक विज्ञापनों के लिए लक्ष्य कैसे तय किया जाए। आप चाहेंगे कि आपके विज्ञापन किसी सोशल नेटवर्क पर कोई खास काम करें। कम से कम एक चीज़ तय करें जो आप चाहते हैं कि विज्ञापन करे क्या आप अखबार के लिए नए ग्राहक चाहते हैं? सोशल मीडिया फ़ॉलोअर? ज़्यादा बिक्री? न भूलें: आपके विज्ञापन के विज़ुअल, संदेश और कॉल-टू-एक्शन (CTA) को यह लक्ष्य पूरा करना होगा।
आपका लक्ष्य चाहे जो हो, विज्ञापन को केवल उसी पर फ़ोकस रखें। अपने विज्ञापन से बहुत ज़्यादा उम्मीदें रखने और अपने संभावित ग्राहकों को चुनने के लिए बहुत ज़्यादा कॉल-टू-एक्शन (CTA) देने से हो सकता है कि आपका विज्ञापन उम्मीदों पर खरा न उतरे। इसके बाद, जिन दर्शकों तक आप पहुंचना चाहते हैं उनके बारे में खोजबीन करें। जनसांख्यिकी से परे जाकर, अपने व्यवसाय से मिलते-जुलते व्यवसायों की जांच-पड़ताल करके तय करें कि आपके निशाने पर सही दर्शक हैं। इसके अलावा, आपके ब्रांड और लक्ष्य के लिए हर सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ठीक नहीं है। अपना समय और धन ऐसे प्लेटफ़ॉर्म में लगाएं जो आपके दर्शकों के बीच लोकप्रिय है और जिससे आपको निवेश पर सबसे अच्छा फ़ायदा (ROI) मिलता है।
अपने वेबसाइट डेटा का विश्लेषण करके ऐसे सोशल मीडिया चैनलों का पता लगाएं, जिनसे आपको ट्रैफ़िक मिल रहा है। Google Analytics और Adobe Analytics जैसे टूल इसमें आपकी मदद कर सकते हैं। आप किसी विज्ञापन को खरीदे बिना और उसे चलाए बिना भी सोशल प्लेटफ़ॉर्म पर विज्ञापन बना सकते हैं। इससे आपको किसी खास प्लेटफ़ॉर्म के बारे में यह महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है कि वह किन दर्शकों को लक्ष्य बनाता है।
अच्छे नतीजे का मतलब सिर्फ़ ऊंची क्लिक-थ्रू-दर पाना ही नहीं है।
आप ऐसे सोशल प्लेटफ़ॉर्म में निवेश करना चाहते हैं, जिनके दर्शक आपके ब्रांड से जुड़ते हैं और आपके विज्ञापन का कॉल-टू-एक्शन (CTA) पूरा करते हैं।
जिन दर्शकों तक आप पहुंचना चाहते हैं उन्हें और अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म को समझने से आपको अपने विज्ञापन के रचनात्मक तत्वों को बनाने और परीक्षण करने में सहायता मिलेगी। सही संदेश दिखाने के लिए अपने ब्रांड के सोशल मीडिया पेज पर वह लोकप्रिय पोस्ट देखें जिन्हें बढ़ावा देने के लिए आपने भुगतान न किया हो। इन पोस्ट की भाषा, टोन और सामग्री का अध्ययन करें और उनकी ऐसी बातों का इस्तेमाल कर के विज्ञापन गढ़ें जिनका असर पड़ा (बशर्ते वे आपके लक्ष्य के लिए प्रासंगिक हों)। विज्ञापन का संदेश ऐसा होना चाहिए जिससे लक्ष्य हासिल करने में मदद मिले और उससे आपके विज्ञापन पर क्लिक करने के लाभ साफ़ दिखाई दें (जैसे “30% की छूट”)।
आप हर क्लिक के अनुसार भुगतान करते हैं, इसलिए आप ऐसे क्लिक-थ्रू से बचना चाहेंगे, जिनमें लोग तुरंत आपकी साइट छोड़ देते हैं क्योंकि उन्हें वह नहीं मिला जिसकी उम्मीद थी। आपके विज़ुअल में आपकी ब्रांडिंग और तस्वीरें ठीक वैसे ही झलकने चाहिए जिससे कि आपके ग्राहक परिचित हैं। अगर आपका विज्ञापन आपकी वेबसाइट के किसी लैंडिंग पेज पर लेकर जाता है, तो यह तय करें कि वे दोनों आपस में मेल खाएं।
अपने क्रिएटिव के तत्वों के प्रदर्शन पर नज़र रखने के लिए, Marketo या Salesforce जैसे थर्ड पार्टी Analytics टूल का उपयोग कर विज्ञापनों पर नज़र रखें और विविधताओं का परीक्षण करें। इससे आप खुद विज्ञापन के प्रदर्शन पर नज़र रख सकते हैं और सिर्फ़ सोशल प्लेटफ़ॉर्म के Analytics के सहारे रहने की मजबूरी नहीं रहती।
जब आपके विज्ञापन तैयार होकर चलने लगते है, तो अपने विज्ञापन से होने वाले फ़ायदे (ROI) या आपके विज्ञापन कितने अच्छे से आपका लक्ष्य पूरा कर रहे हैं – यह देखने का समय आता है अगर आपका लक्ष्य ज़्यादा ग्राहकों को जोड़ना यानी रूपांतरण या बिक्री है, तो अच्छे ROI का मतलब यह है कि आप अपने सोशल विज्ञापनों पर किए जाने वाले खर्च की तुलना में अधिक कमाई करते हैं। यह देखने के लिए कि सोशल विज्ञापनों से किस साइट के ग्राहक आते हैं, आप UTM-कोडेड URL (ट्रैक करने लायक ऐसा टेक्स्ट, जिसे आप अपनी साइट के URL में जोड़ते हैं) का उपयोग कर सकते हैं।
कुछ सोशल प्लेटफ़ॉर्म पिक्सेल ट्रैकिंग कार्यक्रम की भी पेशकश करते हैं, जहां आप कोड का हिस्सा एम्बेड करके देख सकते हैं कि लोग आपके विज्ञापनों के साथ कैसे इंटरैक्ट कर रहे हैं। अगर आपका लक्ष्य लीड जेनरेट करना यानी आपके उत्पाद में दिलचस्पी जगाना है, तो आप ग्राहक हासिल करने की लागत का पता लगाकर अपने विज्ञापन से होने वाले फ़ायदे (ROI) या अपने व्यवसाय के लिए हर एक लीड की कीमत का अंदाज़ा लगा सकते हैं। यह जानकारी पाने के लिए पहले आपको अपनी औसत रूपांतरण दर की गणना करनी होगी।
मान लें कि आपको पता है कि आपकी वेबसाइट पर आने वाले हर 100 में से 4 लोग (लीड) खरीदारी (रूपांतरण) करते हैं और औसतन INR 1,000 खर्च करते हैं। आपकी औसत रूपांतरण दर है 4% या 4 रूपांतरण ÷ 100 लीड।
ग्राहक हासिल करने की कीमत जानने के लिए औसत रूपांतरण दर को ग्राहकों के औसत खर्च से गुणा कर दें।
हमारे उदाहरण में, यह 4% x INR 1,000 यानी कि INR 40 है।
अच्छे ROI के लिए, अब आपके सोशल विज्ञापनों की लागत प्रति लीड इस से भी कम होनी चाहिए। ।
इसे अब करें
शायद आप अभी सोशल विज्ञापन प्रक्रिया में बहुत आगे आ चुके हैं या आपने अभी-अभी शुरुआत की है।
अपने अगले चरणों का पता लगाने के लिए आइए एक जल्द और बहुत आसान पड़ताल करते हैं।
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