अपना कारोबार बढ़ाएं: एक नए अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कदम रखें। नए अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में जाने से मेरे कारोबार को किस तरह मदद मिल सकती है? मैं कैसे पता करूं कि मेरे कारोबार के लिए कौनसे बाज़ार सही हैं? किसी अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में जाने के लिए मुझे क्या-क्या कदम उठाने होंगे?
मान लीजिए कि मीरा Freaky Frisbees की मालकिन हैं। यह कंपनी ऐसी फ़्रिज़्बी बेचती है जिन्हें बैटरी से चलने वाली लाइट से सजाया जाता है।लोग लाइट के डिज़ाइन भी अपनी पसंद के मुताबिक बनवा सकते हैं। मीरा को मिलने वाले ऑर्डर की संख्या बढ़ती ही जा रही है।हाल ही में, दूसरे देशों में रहने वाले लोगों ने उन्हें ईमेल करके पूछा है कि क्या वे भी उनसे फ़्रिज़्बी खरीद सकते हैं। ऐसे में, मीरा अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में बिक्री करने के लिए अपने ई-कॉमर्स कारोबार को फैलाने के बारे में सोच रही हैं।
हालांकि, मीरा अभी कुछ तय नहीं कर पा रही हैं।क्या दूसरे बाज़ारों में मौजूद ग्राहक वाकई किसी विदेशी कंपनी से उत्पाद खरीदना चाहेंगे। अपने ही शहर या देश के मुकाबले जब आप दुनिया भर के ग्राहकों तक पहुंचते हैं और उनसे जुड़ते हैं, तो आप अपने कारोबार को तरक्की का बहुत बड़ा मौका देते हैं।
बेशक, यह कहना आसान है कि आप अपने कारोबार को नए अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में फैलाएंगे। लेकिन इसे किस तरह करना है, इसका पता लगाना कभी-कभी ज़्यादा पेचीदा लग सकता है. खुशकिस्मती से, आपको ऐसे ऑनलाइन टूल मिल सकते हैं जो इस काम को आसान बना सकते हैं।
उदाहरण के लिए, Google का ‘मार्केट फ़ाइंडर’ तरह-तरह के डेटा का इस्तेमाल करके दुनिया के दूसरे बाज़ार ढूंढने में आपकी मदद करता है, जहां आप अपने उत्पादों या सेवाओं की बिक्री कर सकें. आपको बस उनकी साइट पर जाकर कुछ सवालों के जवाब देने होंगे, जैसे अपनी कंपनी की जानकारी, कंपनी कितनी बड़ी है, आप क्या बेचते हैं, वगैरह।
इसके बाद ‘मार्केट फ़ाइंडर’ ऐसे भरोसेमंद देशों को चुनने में आपकी मदद करेगा, जो आपके कारोबार के हिसाब से एकदम सही हो सकते हैं और जिनमें अपने उत्पादों और सेवाओं की बिक्री करना आपके लिए अच्छा साबित हो सकता है। ऐसा करने के लिए ‘मार्केट फ़ाइंडर’ हर महीने की स्थानीय ऑनलाइन खोजों और बाज़ार के दूसरे रुझानों की जाँच-पड़ताल करता है। इसकी मदद से आप जान सकते हैं कि अलग-अलग बाज़ारों में आपके उत्पाद या सेवा की कितनी मांग है और उसे कितनी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ सकता है।
‘मार्केट फ़ाइंडर’ किसी खास देश या इलाके की प्रति व्यक्ति आय को देखता है। साथ ही, वह आपके सही दर्शकों के ऑनलाइन व्यवहार पर भी नज़र रखता है।इस पूरे डेटा की मदद से यह टूल आपकी पसंद के मुताबिक, संभावित नए बाज़ारों की सूची बना पाता है। जब आपको पता चल जाए कि आपको किन नए बाज़ारों में जाना है, तब आप इन इलाकों में काम करने की योजना बनाना शुरू कर सकते हैं।जिन चीज़ों पर गौर करना ज़रूरी है, वे हैं आपकी ई-कॉमर्स वेबसाइट, अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों को आपके कारोबार की जानकारी कैसे मिल सकती है, मुद्रा और भुगतान, और ग्राहक सेवा।
इस बात का ध्यान रखें कि आपकी वेबसाइट आपके ग्राहकों की भाषा में उपलब्ध हो।करीब 75% ग्राहक अपनी भाषा में बनी वेबसाइट से खरीदारी करना ज़्यादा पसंद करते हैं। भले ही आपका ध्यान किसी एक नए बाज़ार पर है, लेकिन आपको अपनी साइट का अनुवाद कई अलग-अलग भाषाओं में करना पड़ सकता है। आप जिस भी बाज़ार में जा रहे हैं, उससे जुड़ी सभी भाषाओं के बारे में अच्छे से जान लें।
उदाहरण के लिए, दक्षिण अफ़्रीका, कनाडा और स्विट्ज़रलैंड में एक से ज़्यादा भाषाएं बोली जाती हैं। इसके साथ ही चीनी, अरबी और स्पैनिश भाषाओं से कई तरह की क्षेत्रीय बोलियां भी जुड़ी हुई हैं।
ध्यान रखें कि कुछ बाज़ारों में प्रवासियों का बड़ा समुदाय हो सकता है (ऐसे लोग जो उस देश के अलावा किसी दूसरे देश में रह रहे हैं, जहां वे पले-बढ़े हैं)। वे चाहेंगे कि आपकी साइट उनकी अपनी भाषा में हो, लेकिन उस पर कीमतें वहां की स्थानीय मुद्रा में दिखाई दें। यह न भूलें कि आपकी साइट की सामग्री में इमेज, निशान और रंग भी शामिल होते हैं।ध्यान रखें कि आपकी साइट के डिज़ाइन का हर एक हिस्सा, आपके नए बाज़ारों के हिसाब से ठीक हो। अनुवाद और सामग्री के अपडेट के साथ ही, यह देखें कि आपकी साइट का CMS (सामग्री प्रबंधन सिस्टम) एक से ज़्यादा भाषाओं में काम करता है या नहीं. इसके साथ ही, अपनी साइट को मोबाइल फ़्रेंडली बनाना भी बेहतर होगा।
अनुवाद करने का मतलब सिर्फ़ अपनी साइट की जानकारी को शब्द-दर-शब्द किसी दूसरी भाषा में बदलना नहीं होता, बल्कि इसमें कई बातों का ध्यान रखना होता है।इनमें उस भाषा की संस्कृति, मुहावरे, स्थानीय शब्द और दूसरी चीजें भी शामिल होती हैं।अच्छी बात है कि ‘मार्केट फ़ाइंडर’ ऐसी सेवाएं ढूंढने में आपकी मदद कर सकता है, जिन्हें वेबसाइटों का अनुवाद करने में महारत हासिल है।
जब आप यह जानने की कोशिश कर रहे हों कि अंतरराष्ट्रीय ग्राहक आपको कैसे ढूंढेंगे, तब यह सोचना अच्छा लगता है कि आपको अपने खोज विज्ञापनों के साथ-साथ अपनी वेबसाइट की सामग्री का अनुवाद करना है। हालांकि, आप अपनी ऑनलाइन मार्केटिंग की कोशिशों को अपने बाज़ारों के अनुकूल बनाने के लिए ज़्यादा कारगर तरीके अपना सकते हैं। इसमें मदद करने के लिए ‘मार्केट फ़ाइंडर’ कुछ संसाधनों का सुझाव दे सकता है, लेकिन आप अपने स्तर पर भी जानकारी ढूंढ सकते हैं।
जिन उत्पादों या सेवाओं में ग्राहकों की दिलचस्पी है, वे उन्हें आपके बाज़ारों में कैसे मिलेंगी? क्या वे ऑनलाइन चीज़ें खोजते हैं, सोशल मीडिया पर जाते हैं, विज्ञापनों पर नज़र रखते हैं, दोस्तों से रेफ़रल लेते हैं? इन सब चीज़ों के बारे में जानकर, आपको पता चलेगा कि आपकी कंपनी का कहां दिखाई देना ज़रूरी है। उदाहरण के लिए, मान लीजिए कि Freaky Frisbees की मालकिन यानी मीरा को पता चलता है कि उनके नए बाज़ार में मौजूद लोग अक्सर उनके जैसे उत्पाद ऑनलाइन ढूंढते हैं। ऐसे में, वह उस जगह में ज़्यादा खोज विज्ञापन चलाने का फ़ैसला ले सकती हैं।
मुद्रा और भुगतान ऐसे दूसरे क्षेत्र हैं जिनके बारे में योजना बनाई जानी चाहिए। ध्यान रखें कि अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों के लिए आपसे की गई खरीदारी को पूरा करना आसान हो। अपनी कीमतों को स्थानीय मुद्रा में बदलने जैसी छोटी सी चीज़ भी, किसी ग्राहक को “अभी खरीदें” बटन पर क्लिक करने से रोक सकती है। इसलिए, अगर आपके स्थानीय बाज़ार की दुकानों में पाउंड में खरीदारी होती है, तो आपको अपना विकल्प पेसोस में नहीं दिखाना चाहिए।
साथ ही, अलग-अलग देशों में भुगतान के अलग-अलग तरीके पसंद किए जाते हैं। उदाहरण के लिए, डेनमार्क के 60% ग्राहकों को क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करना पसंद है।लेकिन जर्मनी में, क्रेडिट कार्ड सिर्फ़ 14% आबादी में ही लोकप्रिय हैं।
आप हमेशा ही ‘मार्केट फ़ाइंडर’ जैसे भरोसेमंद टूल पर वापस जाकर, अपने चुने हुए अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में भुगतान के लोकप्रिय तरीके ढूंढ सकते हैं। आखिर में, अपनी ग्राहक सेवा को तैयार रखें ताकि वह ज़्यादा बड़ी बिक्री, वापस लौटने वाले ग्राहकों और आपके बाज़ार की नई लीड के लिए मदद मुहैया करा सके।
अगर उत्पादों/सेवाओं के बारे में पूछने या उन्हें लौटाने के लिए ग्राहक अपनी खुद की भाषा इस्तेमाल कर पाएंगे, तो उन्हें यह ज़्यादा आसान और सुविधाजनक लगेगा। अगर आप अपने नए बाज़ार में बड़ी पहचान बनाना चाहते हैं, तो स्थानीय भाषा में बात करने वाली सहायता टीम मुहैया कराएं।
लेकिन अगर आप अपने नए बाज़ारों में छोटी सी शुरुआत कर रहे हैं, तो आप कम जोखिम वाले, किफ़ायती विकल्प आज़मा सकते हैं।जिनमें रीयल-टाइम चैट अनुवाद, एक से ज़्यादा भाषाओं वाला सहायता डेस्क और एक से ज़्यादा भाषाओं वाले ऑनलाइन समुदाय या फ़ोरम शामिल हैं जो स्थानीय ग्राहक सहायता दे सकते हैं।
गौर करने लायक एक और क्षेत्र यह है कि आप अपने अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों तक अपने उत्पाद/सेवाएं किस तरह पहुंचाएंगे। इसके लिए किसी अंतरराष्ट्रीय शिपिंग पार्टनर की मदद लेना एक अच्छा आइडिया होगा। खुद तैयारी करके पूरी योजना बनाना अच्छी बात है, लेकिन अपने बाज़ारों के स्थानीय विशेषज्ञों को खोजना और उनकी जानकारी और अनुभव का इस्तेमाल करना सबसे बेहतर होता है।
इस तरह के विशेषज्ञों की मदद खास तौर पर तब काम आती है, जब आप अपनी ब्रैंड की पहचान को “स्थानीय भाषा में पेश” कर रहे हों।हां, आप अपने कारोबार के ब्रैंड को दुनिया भर में एक जैसा दिखाना, महसूस कराना और उससे एक जैसा ही काम लेना चाहते हैं, लेकिन आपको इसे स्थानीय संस्कृति के हिसाब से भी ढालना होगा।
इसकी मदद से आप अपने ब्रैंड को बिल्कुल अपनी जगह रखकर सोच सकते हैं।आप हमेशा वही रहेंगे जो आप हैं, लेकिन अलग-अलग संस्कृतियों में आपको अपने बोलने, काम करने, कपड़े पहनने वगैरह का तरीका बदलने की ज़रूरत हो सकती है।
मान लीजिए कि मीरा के स्थानीय विशेषज्ञ उन्हें बताते हैं कि उनके नए बाज़ार में “Freaky” एक बुरा शब्द है. ऐसे में वह सिर्फ़ उस बाज़ार में अपने कारोबार का नाम बदलकर Friendly Frisbees कर लेती हैं, जबकि ब्रैंड की दूसरी चीज़ें (लोगो का डिज़ाइन, रंग वगैरह) पहले जैसे ही रहती हैं।
आपका ब्रैंड सांस्कृतिक रूप से प्रासंगिक है, यह पक्का करने के साथ ही स्थानीय विशेषज्ञ आपके नए बाज़ार में आने वाली किसी भी संभावित कानूनी और कर संबंधी चुनौती से निपटने में भी आपकी मदद कर सकते हैं। वैसे तो दुनिया भर में कारोबार को फैलाने में बहुत सारे शोध और योजना बनाने की ज़रूरत होती है, लेकिन इसके लिए हम तुरंत एक जाँच कर सकते हैं। क्या आप नए बाज़ारों में जाने पर गौर करने के लिए तैयार हैं?
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