नए वितरण चैनलों के ज़रिए अपना कारोबार बढ़ाना। वितरण चैनल क्या है? मेरे कारोबार के लिए वितरण चैनल क्यों अहम हैं? मुझे सही वितरण पार्टनर कैसे मिल सकता है? मान लीजिए कि Trey’s Tonics एक कारोबार है। जो स्थानीय स्टोर को लज़ीज़ फ़्लेवर वाले ड्रिंक बेचता है। इसमें ढेर सारा काम होता है। क्योंकि ट्रे की छोटी-सी टीम को ही उत्पादन, पिकअप और डिलीवरी का काम संभालना पड़ता है।
काम ज़्यादा होने की वजह से ट्रे के पास इतना समय नहीं बचता कि वह नए फ़्लेवर बना पाएं और इसीलिए उन्होंने सोड़ा के कारोबार से शुरुआत की थी। इसके साथ ही, वह जिन स्टोर में बिक्री करते हैं, उनमें से कुछ ने सुझाव दिया है। कि ट्रे की बबल वाली बॉटल के लिए एक बड़ा बाज़ार मौजूद है। ट्रे ने अपने टॉनिक के वितरण में मदद लेने और अपना कारोबार बढ़ाने के लिए किसी की मदद लेने का मन बनाया है, जिससे उन्हें नए फ़्लेवर (इनमें से कई में किसी वजह से ब्लूबेरी शामिल हैं) बनाने के काम में ज़्यादा समय मिल सके। लेकिन वह अपने उत्पाद को ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक कैसे पहुंचा सकते हैं?
र कारोबार को ऐसे कम से कम एक तरीके की ज़रूरत होती है । जिससे वह अपने उत्पादों या सेवाओं को ग्राहकों तक पहुंचा सके – यानी एक “वितरण चैनल।" अगर आप कोई कारोबार करते हैं, तो यह पक्का करना अहम है कि आपके वितरण चैनल की मदद से ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक आपका सामान आसानी से पहुंचे और इसके साथ ही आपको मुनाफ़ा भी हो।
अब, चाहे आप ग्राहक ढूंढने की मेहनत कर रहे हों या आपका कारोबार पहले से ही अच्छी हालत में हो, वितरण में बढ़ोतरी करने से आप लोगों के लिए अपनी सामग्री ढूंढना आसान बनाकर तरक्की कर सकते हैं। इसका मतलब हो सकता है । कि या तो आप पहले से इस्तेमाल हो रहे वितरण चैनल पर भरोसा करें या फिर एक नया वितरण चैनल ढूंढें। इसीलिए यह पता करना अहम है। कि आपके लिए किस तरह के वितरण चैनल मौजूद हैं।
वितरण को आम तौर पर दो श्रेणियों में बाँटा जाता है। डायरेक्ट (वे चैनल जिन पर आपका नियंत्रण है) और इंडायरेक्ट (वे चैनल जिन पर आपका नियंत्रण नहीं है)। डायरेक्ट वितरण की मदद से आप अपनी सामग्री सीधे ग्राहकों को बेच सकते हैं। उदाहरण के लिए, जूते बनाने वाला एक ब्रैंड जो अपने ग्राहकों तक जूते पहुंचाने के लिए अपनी खुद की वेबसाइट, अपनी दुकान और मेल-ऑर्डर कैटलॉग का इस्तेमाल करता है। यही डायरेक्ट वितरण कहलाता है।
डायरेक्ट वितरण से आपको अपने उत्पादों की बिक्री पर बेहतर नियंत्रण मिलता है – आप कीमत तय कर सकते हैं। मार्केटिंग पर नज़र रख सकते हैं । और ग्राहकों के साथ मज़बूत रिश्ते बना सकते हैं। लेकिन इसका यह मतलब भी हो सकता है कि आपके कारोबार की जानकारी कम लोगों को मिल पाती है। इंडायरेक्ट वितरण चैनल, रीसेलर (दोबारा बेचने वाले) होते हैं जो सामान खरीदते हैं और इसके बाद जिन लोगों को ज़रूरत है । उन्हें वह सामान बेचते हैं। फ़िल्मों में दिखाए जाने वाले एलियन की तरह, ये भी कई किस्म के होते हैं।
उदाहरण के लिए, खुदरा विक्रेता आपके उत्पाद सीधे खरीदते और बेचते हैं (जैसे कि किराना स्टोर जहां तरह-तरह का सामान मिलता है)। वहीं, थोक विक्रेता अलग-अलग निर्माताओं से थोक में सामान खरीदते हैं, उसे वेयरहाउस में स्टोर करते हैं और इसके बाद उसे खुदरा विक्रेताओं को बेचते हैं। वैल्यू-एडेड रीसेलर (जिन्हें वीएआर भी कहा जाता है) अलग-अलग कंपनियों के उत्पादों को एक ही आइटम में जोड़ देते हैं। उदाहरण के लिए, कंप्यूटर चिप बनाने वाली कंपनियां Compaq, Dell या Apple जैसे वीएआर को चिप बेचते हैं, जो ये चिप अलग-अलग डिवाइस में लगाकर आम लोगों को बेचते हैं।
जिन लोगों को आपका सामान बिक्री के प्रतिशत के बदले में मिलता है। वे सहयोगी (अफ़िलिएट) कहलाते हैं। जबकि निर्माताओं के प्रतिनिधि कई अलग-अलग निर्माताओं के उत्पादों को किसी खास उद्योग या इलाके के ग्राहकों को बेचते हैं। अगर आप अपना वितरण बढ़ाने के बारे में सोच रहे हैं। तो पहले उन चैनल पर नज़र डालें जिनका इस्तेमाल आप पहले से कर रहे हैं। सिर्फ़ उन्हीं के साथ अपना काम बढ़ाने से भी आपको ज़्यादा कारोबार मिल सकता है।
अगर इससे आपको अपने मनचाहे नतीजे नहीं मिलते हैं, तो कुछ नया सोचें। किसी नए वितरण चैनल का पता लगाने के लिए, पहले अपने ग्राहकों के बारे में सोचें। देखिए, कुछ वितरण चैनल मशहूर होने के चलते सही लग सकते हैं, लेकिन अगर वे आपके खरीदारों को आपके उत्पाद दिलाने में मदद नहीं कर पाते हैं, तो उनके होने का भला क्या फ़ायदा?
अपने आदर्श ग्राहकों (वे लोग जिन्हें आपके उत्पादों और सेवाओं की सबसे ज़्यादा ज़रूरत होती है) के बारे में खुद से कुछ सवाल पूछें। वे कहां रहते हैं? क्या वे आम तौर पर ऑनलाइन खरीदारी करते हैं या किसी दुकान में जाते हैं? क्या उन्हें आपका सामान तेज़ी से मंगवाना है या वे इंतज़ार कर सकते हैं? इन सवालों के जवाब देने से आप उन वितरण चैनलों को अच्छी तरह से देख-परख सकते हैं जो आपके काम आ सकते हैं। ऐसा करके आप देख पाएंगे कि उस चैनल से आपको वाकई उन लोगों तक पहुंचने का मौका मिल रहा है। या नहीं, जो आपका सामान खरीद सकते हैं।
चलिए वापस टॉनिक का कारोबार करने वाले ट्रे की बात करते हैं, जिन्होंने टैमरिंडो का फ़्लेवर तैयार कर लिया है। और उन्हें लगता है कि यह कोस्टा रिका के लोगों को पसंद आएगा। अगर वह कोस्टा रिका के बाज़ार में पैठ बनाने में मदद करने वाला वितरण चैनल ढूंढ लेते हैं। तो वह वहां के लोगों तक अपना उत्पाद पहुँचा सकते हैं। ज़्यादा से ज़्यादा ग्राहकों तक अपना सामान कैसे पहुंचाया जाए, इस बात का फ़ैसला करते समय आपके ग्राहकों की खरीदारी करने की आदत के अलावा कुछ और चीज़ों पर भी गौर करना चाहिए।
पता लगाएं कि आपके जैसा काम करने वाले दूसरे कारोबार किन चैनलों का इस्तेमाल करते हैं। कोई ऐसा तरीका आज़माकर आप नए ग्राहकों को तक पहुंच सकते हैं, जिसका इस्तेमाल आपके जैसे दूसरे कारोबार नहीं कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, अगर आप दूसरे कारोबारों जैसे चैनल इस्तेमाल करते हैं, तो मिलते-जुलते ब्रैंड खोजते वक्त लोग आपकी कंपनी को देख सकते हैं। इस बात पर गौर करना भी ज़रूरी है कि आपको नए वितरण चैनल पर कितना पैसा खर्च करना होगा। कुछ वितरण चैनलों का इस्तेमाल करने के लिए कीमत चुकानी पड़ सकती है – उदाहरण के लिए, अक्सर थोक विक्रेताओं के साथ काम करने के लिए उत्पादन बढ़ाना ज़रूरी होगा।
लागत की बात करें, तो आपको और ज़्यादा लोग रखने पड़ सकते हैं । जो नए चैनल के साथ मिलकर काम कर सकें। आपको उसके तौर-तरीके प्रबंधित करना सीखने के लिए अपना कीमती समय भी लगाना पड़ सकता है। अब यह देखें कि नए चैनल के साथ काम शुरू करना कितना आसान है। कुछ खुदरा विक्रेताओं के साथ पैर जमाने में आपके कारोबार को कुछ समय लग सकता है या फिर आपको अपना उत्पाद बनाने की रफ़्तार बढ़ानी पड़ सकती है ताकि वीएआर की ज़रूरत के मुताबिक उत्पादन हो सके।
सबसे आखिर में, यह पक्का करें कि नए चैनल का उन दूसरे वितरण चैनलों से टकराव न हो, जिनका आप इस्तेमाल कर रहे हैं। मान लीजिए कि आप छोटे-छोटे बूटीक में अपने उत्पाद बेचते हैं और अचानक किसी बड़े स्टोर के साथ हाथ मिला लेते हैं – तो उन बूटीक में आपकी बिक्री पर बुरा असर पड़ सकता है। ठीक है, तो आपने एक वितरण चैनल चुन लिया है। अब बारी है एक पार्टनर चुनने की (उस वितरण चैनल में काम करने वाली ऐसी कंपनी जिसकी मदद से आप अपनी लोगों तक पहुंचा सकते हैं)।
देखें कि क्या आपके ग्राहक पहले से किसी ऐसे पार्टनर से खरीदारी तो नहीं कर रहे हैं, जिसके बारे में आप सोच रहे हैं। इस चैनल पार्टनर के साथ काम शुरू करना सही लग सकता है, क्योंकि लोगों को किसी नए वितरण चैनल पर जाने की मेहनत नहीं करनी पड़ेगी। अगर नहीं, तो कोई दूसरा पार्टनर ढूंढें। किसी वितरण चैनल की लागतों का हिसाब लगाने की तरह ही, किसी खास पार्टनर के साथ काम करने की लागत का हिसाब लगाना भी ज़रूरी होता है। कुछ में साइन-अप शुल्क लग सकता है या कुछ आपकी बिक्री में से कुछ प्रतिशत हिस्सा मांग सकते हैं. वहीं कुछ पार्टनर के साथ आपको मार्केटिंग के लिए भुगतान करना पड़ सकता है।
आप कीमतें बढ़ाकर कुछ लागतों को पूरा कर सकते हैं – लेकिन कीमतें ज़्यादा बढ़ाने से ग्राहक आपसे दूर हो सकते हैं। देखें कि क्या नया पार्टनर आपकी कीमतों को सही बनाए रखने में मदद कर सकता है। अगर ऐसा नहीं है, तो कीमतों को मुनासिब बनाए रखने के लिए आपको अपना पैसा खर्च करना पड़ सकता है। इसके साथ ही, यह पक्का करें कि जिन पार्टनर के साथ आप कारोबार करने जा रहे हैं, वह अपनी ज़िम्मेदारी ठीक से निभाएं। चाहे आपके सवाल हों या आपको बस नियमित रिपोर्ट चाहिए हों, आप यह ज़रूर जानना चाहेंगे कि पार्टनर जानकारी समय पर और कुशल तरीके से मुहैया कराएंगे।
इसके साथ ही, यह पक्का करें कि जिन पार्टनर के साथ आप कारोबार करने जा रहे हैं, वह अपनी ज़िम्मेदारी ठीक से निभाएं। चाहे आपके सवाल हों या आपको बस नियमित रिपोर्ट चाहिए हों, आप यह ज़रूर जानना चाहेंगे कि पार्टनर जानकारी समय पर और कुशल तरीके से मुहैया कराएंगे। इसलिए, आप उम्मीद करेंगे कि ऐसा वितरण पार्टनर हो जो बिक्री में आपका साथी बन सके। आप इसे एक रिश्ता किस तरह बना सकते हैं, जो लंबे समय तक चल सके?
कारोबार से वैसे ही संपर्क बनाएं जैसे आप किसी संभावित पार्टनर के साथ बनाएंगे। इस बात के लिए तैयार रहें कि वे आपकी कंपनी की ओर से थोड़ी बहुत बिक्री करेंगे, ताकि उन्हें ऐसा लगे कि उन्हें भी इस रिश्ते से कुछ न कुछ मिल रहा है। बिना कोई जानकारी दिए यह उम्मीद न करें कि उन्हें आपके कारोबार के बारे में सब कुछ पता होगा। अपने पार्टनर को अपने उत्पाद की जानकारी दें (शायद इसके लिए आपको उन्हें कुछ बिक्री और मार्केटिंग की सामग्री मुहैया करानी होगी)।
अब भी, आपको यह पक्का करना होगा कि वह आपका सामान लोगों तक पहुंचा सकते हैं। साथ मिलकर काम करने के लिए कुछ लक्ष्य तय करें, जिनमें वे आपको कितनी बार रिपोर्ट करेंगे और वे आपसे क्या-क्या जानकारी शेयर करेंगे जैसी चीज़ें शामिल होंगी। उनका काम आपकी बिक्री बढ़ाते जाना ही है। किसी नए वितरण चैनल की खूबियों, खामियों, अवसरों और खतरों का आकलन करने से आपको आगे बढ़ने का सही तरीका चुनने का सही मौका मिल सकता है। क्या आप अपने कारोबार के लिए किसी चैनल को परखने के लिए तैयार हैं?
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