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Find Targeted Customers Who aren't Ordinary

ऐसे ‘टारगेट किए जाने वाले ग्राहक’ ढूंढें जो साधारण न हों।
1. मुझे अपने ‘टारगेट किए जाने वाले ग्राहकों’ का साधारण ब्यौरा देने से क्यों बचना चाहिए?
2. मेरे लिए ‘टारगेट किए जाने वाले ग्राहक’ तय करने का अच्छा तरीका क्या है?
3. इससे मुकाबला कर रही दूसरी कंपनियों से अलग दिखने में मुझे कैसे मदद मिलेगी?

सॉकर मॉम्स. यप्पीज़. ट्वीन्स, ‘टारगेट किए जाने वाले ग्राहकों’ की बात करते समय आपने कारोबारों को इस तरह के लेबल इस्तेमाल करते सुना होगा। इससे उन्हें अपने आदर्श ग्राहकों को एक समूह में बदलने में मदद मिलती है, जिसके लिए वे मार्केटिंग कर सकते हैं। सिद्धांत के तौर पर...यह सही भी है। लेकिन क्या सॉकर मॉम्स जैसे सामान्य ‘टारगेट किए जाने वाले ग्राहकों’ से आपको सबसे अच्छी मार्केटिंग करने में वाकई मदद मिल सकती है? 

जब बात ग्राहकों को टारगेट करने की हो, तो यह याद रखें: ग्राहक इंसान होते हैं, कोई घिसा-पिटा फ़ॉर्मूला नहीं। अपने ग्राहकों को वाकई समझने का मतलब है- उनके लिंग की जानकारी, वे किस उम्र समूह में आते हैं, उनकी सामाजिक स्थिति कैसी है, और वे किस तरह का काम करते हैं, जैसी जानकारी से आगे जाकर उनके बारे में बहुत कुछ जानना। 

दरअसल आपको सबसे पहले ‘वजह’ जानने की ज़रूरत है। जैसे कि: वे जैसे काम करते हैं, जैसा सोचते हैं और जिस तरह अपनी ज़िंदगी जीते हैं, उसकी वजह क्या है। बुनियादी तौर पर, आपको अपने ‘टारगेट किए जाने वाले ग्राहकों’ के बारे में भी उतनी ही अच्छी तरह जानने की ज़रूरत होती है, जितनी अच्छी तरह आप अपने करीबी दोस्त के बारे में जानते हैं। 

आप शायद सोच रहे होंगे, “स्टीरियोटाइप यानी घिसे-पिटे फ़ॉर्मूले पर काम करने वाले लोगों तक अपनी बात पहुंचाना आसान है। 30 के करीब उम्र वाले ‘हिप्स्टर डैड्स’ के लिए मार्केटिंग क्यों नहीं की जा सकती?” इसकी वजह यह है: अगर नामुमकिन नहीं – तब भी – हर किसी की उम्मीदों पर पूरी तरह खरा उतरना मुश्किल होता है। आज के दौर में बहुत सारी कंपनियां मुकाबले में मौजूद हैं और आप खुद को उनसे अलग नहीं कर सकते हैं। स्टीरियोटाइप की वजह से आप यह मान सकते हैं कि आपके ‘टारगेट किए जाने वाले ग्राहक’ एक समूह की तरह हैं, जबकि असलियत में वे पूरी तरह एक अलग समूह हैं। 

आप स्टीरियोटाइप के जाल में फंसने से किस तरह बचेंगे? उन बड़ी धारणाओं के बारे में सोचें जो आपने अपने ग्राहकों के बारे में बना ली हैं – और उन्हें चुनौती दें। खुद से पूछें कि इनमें से किस धारणा को सच्चाई में बदलने से पहले परखने की ज़रूरत है। इसके साथ ही, अपने ग्राहकों से जुड़ी ऐसी सभी बातों की सूची बना लें जिनके बारे में आप नहीं जानते हैं, लेकिन आपको जानना चाहिए। जब आप स्टीरियोटाइप श्रेणी से दूर होने लगें, तो ‘क्या करें’ और ‘क्या न करें’ जैसी बातें ध्यान में रखें। इससे आपको बेहतर ‘टारगेट किए जाने वाले ग्राहक’ तय करने में मदद मिलेगी।

टारगेट किए जाने वाले ग्राहकों के लिए ‘क्या करें’:

उन्हें बारीकी से समझें, 
अपने ग्राहकों की हर छोटी से छोटी जानकारी पता करें।

उनकी तरह सोचे
उनकी आंखों से दुनिया देखें (और अपना कारोबार भी)

गहराई से जानें।
विषय, उनकी मानसिकता, भावनाओं, प्रेरणाओं और इच्छाओं पर ध्यान दें।

अपनी तरफ़ से रिसर्च करें।
अपनी थ्योरी यानी अपनी समझ से जो नियम आपने बनाए हैं, उन्हें ध्यान से देखें और अपने डेटा की मदद से उन्हें मजबूत बनाएं।

‘टारगेट किए जाने वाले ग्राहकों’ के लिए ‘क्या न करें’:

सामान्य तौर पर काम करें।
यानी, स्टीरियोटाइप से बचें। देखें कि आपके ग्राहक को क्या चीज़ अलग बनाती है। उम्र, लिंग, आमदनी, शिक्षा वगैरह की जानकारी पर भरोसा करें।

उम्र, लिंग, आमदनी, शिक्षा वगैरह की जानकारी पर भरोसा करे।

“सभी” के लिए मार्केटिंग करे
जाति, लिंग की जानकारी और दूसरे आंकड़ों से आपको छोटे स्तर तक चीज़ें तय करने में मदद नहीं मिलेगी।

आपसे मुकाबला कर रही कंपनियों को फ़ॉलो करें
आपके लिए “पूरी दुनिया” ही ‘टारगेट किए जाने वाले ग्राहक’ नहीं हो सकती और न ही आप सभी तक आसानी से पहुंच पाएंगे।

‘क्या करें’ और ‘क्या न करें’ से दरअसल आपको यह पता चलता है कि आप जितना हो सके, अपने ग्राहकों को अच्छी तरह से जानने की कोशिश करें। आपको ऐसा करने के लिए कई तरीके मिल जाएंगे, लेकिन हम शुरुआत करने के लिए आपको कुछ चीज़ों की जानकारी देंगे। आप ऐसी परिभाषाओं पर नज़र डाल सकते हैं,  जिन्हें सामान्य और व्यापक माना जाता है और इसके बाद उन्हें जोड़ियों में रखकर अलग कर सकते हैं।

18 से 49 तक का बड़ा उम्र-समूह देखने की बजाय, आप खास उम्र सीमाएं देख सकते हैं, जैसे 20-24 के बीच या 30-34 के बीच। उम्र के साथ ही, आप देख सकते हैं कि आपके ‘टारगेट किए जाने वाले ग्राहक’ कहां पर हैं: शहर, उपनगर, गांव, कोई दूसरा देश, वगैरह। आपके ‘टारगेट किए जाने वाले ग्राहक’ कितने पढ़े-लिखे हैं? हाई स्कूल, बैचलर डिग्री, मास्टर डिग्री या इससे ज़्यादा? या फिर उन्होंने खुद ही पढ़ाई की है? यह भी देखें कि वे किस तरह का काम करते हैं: पेशेवर हैं, नौकरी करते हैं, कारोबार चलाते हैं, वगैरह। 
इन ब्यौरों की मदद से आप अपने ग्राहक वर्ग को और अच्छी तरह तय (परिभाषित) कर सकते हैं, लेकिन आप उनकी जीवनशैली और भावनाओं पर भी करीब से नज़र डालकर दो कदम आगे जा सकते हैं। 
देखें कि उन्हें क्या काम करना पसंद है या उनके शौक किस तरह के हैं. क्या वे कला, विज्ञान, समाज-सेवा वगैरह के क्षेत्र में काम करते हैं?
अपने ‘टारगेट किए जाने वाले ग्राहकों’ के मूल्यों से भी आप उनके बारे में काफ़ी-कुछ जान सकते हैं. पता लगाएं कि वे किन मूल्यों में विश्वास करते हैं: ईमानदारी, कड़ी मेहनत, समुदाय, परिवार, वगैरह। 
आखिर में, देखें कि वे आपके कारोबार और सामान को किस नज़रिए से देखते हैं। क्या वे आपको टाइमपास की तरह लेते हैं, एक ज़रूरी बुराई मानते हैं, अपने आप को दूसरे चीज़ों से बचाने का ज़रिया मानते हैं या कुछ और समझते हैं?

चलिए देखते हैं कि Pinterest ने अपने ‘सही दर्शकों’ को तय करने का दायरा सीमित करके किस तरह कामयाबी हासिल की है। Pinterest एक विज़ुअल डिस्कवरी टूल है जिसमें आपको असल ज़िंदगी में अपनाने लायक सुझाव मिल सकते हैं।

Pinterest के संस्थापकों बेन सिल्बरमैन और इवान शार्प ने इसकी शुरुआत ऐसे टूल के तौर पर की थी जिसकी मदद से वे ऑनलाइन मिलने वाली विज़ुअल प्रेरणा अपने लिए इकट्ठा कर सकें। जब उन्होंने Pinterest दूसरे लोगों के लिए उपलब्ध करवाने का फ़ैसला लिया, तो शुरुआत में वे तय नहीं कर पा रहे थे कि उन्हें किन लोगों के लिए मार्केटिंग करनी चाहिए।

एक कॉन्फ़्रेंस करने के बाद, उन्हें लाइफ़स्टाइल ब्लॉगर के एक समुदाय का साथ मिला, जिसने Pinterest को बेहतरीन सामग्री से भरा पूरा करने में मदद की। इसके आधार पर, बेन और इवान “क्रिएटिव” लोगों वाले ‘सही दर्शक’ को आसानी से चुन सकते थे।

इसके बजाय, बेन और इवान ने समझा कि Pinterest के दर्शक किस तरह अपने आप (ऑर्गैनिकली यानी बिना किसी विज्ञापन के) बढ़ रहे थे। उन्होंने देखा कि लोग उनका टूल क्यों इस्तेमाल कर रहे थे और वे ऐसा किस तरह कर रहे थे।

इसके ज़रिए, उन्होंने Pinterest के चाहने वालों के नए समुदाय खोज निकाले – जैसे कि वे लोग जो पेशेवर डिज़ाइनर नहीं थे, लेकिन जिन्हें घर की सजावट करने, फ़ैशन और खाना पकाने के आसान और क्रिएटिव सुझावों में दिलचस्पी थी।

Pinterest ने अपनी मार्केटिंग का ध्यान इन छोटे ‘सही दर्शकों’ तक पहुंचने में लगाया, जिससे उन्हें अपना उपयोगकर्ता आधार तेज़ी से बढ़ाने और ‘पिन करने वाले लोगों’ का एक वैश्विक समुदाय विकसित करने में मदद मिली। Pinterest की तरह अपने ‘सही दर्शक’ तय करना शुरू करने के लिए, किसी एक ऐसे मौजूदा ग्राहक के बारे में सोचें जिसकी आप वाकई कद्र करते हैं। फिर उस व्यक्ति के बारे में खुद से कुछ सवाल पूछें।



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