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Know the Power of Digital Marketing

मार्केटिंग की ताकत को जानें

अपने मन का वहम दूर कीजिए और Google Analytics के साथ शुरू करें। मार्केटिंग की ताकत को जानें कि, वेब विश्लेषण मेरे कारोबार के लिए अहम क्यों है? Google Analytics क्या है? मैं Analytics कैसे सेट अप करूं?
मान लीजिए कि कनिका और सुरेश ने हाल ही में कॉलेज की पढ़ाई पूरी की है और उन्होंने एक ऑनलाइन स्टोर शुरू किया है जहां वे नये स्टाइल की, मज़ेदार स्लोगन और तस्वीरों वाली टी-शर्ट बेचते हैं। सुरेश टी-शर्ट के लिए आइडिया पर सोच-विचार करते हैं और उन्हें प्रिंट करवाते हैं, जबकि कनिका के ऊपर मार्केटिंग की ज़िम्मेदारी है। उन्होंने खोज में दिखने वाले विज्ञापन खरीदकर शुरुआत की है। सोशल मीडिया पर और ब्लॉग पर बहुत सारी पोस्ट करके भी ग्राहकों को आकर्षित करने की कोशिश की है। कुछ हफ़्तों के बाद ऑर्डर आने शुरू हो गए। सुरेश और कनिका अपने कारोबार के बारे में काफ़ी अच्छा महसूस कर रहे हैं। लेकिन क्या इससे बेहतर भी कुछ हो सकता था? 
किसी एनेलिटिक्स प्रोग्राम का इस्तेमाल करके आप यह पता लगा सकते हैं कि आपके मार्केटिंग चैनल कितनी अच्छी तरह काम कर रहे हैं। Google Analytics ऐसा ही एक प्रोग्राम है, जिसका आप इस्तेमाल कर सकते हैं। यह एक ऐसा मुफ़्त टूल है जो आपको अपनी वेबसाइट के बारे में डेटा दिखाता है जिससे आप यह देख सकते हैं कि आपकी डिजिटल मार्केटिंग कितनी अच्छी तरह काम कर रही है और इसे कैसे बेहतर बनाया जाए, इस बारे में जानकारी हासिल कर सकते हैं। Analytics आपको काम के लिए ज़रूरी आंकड़े देता है, जैसे कि आपकी साइट पर कितने उपयोगकर्ता आ रहे हैं, वे कहां से आ रहे हैं, और साइट पर आने के बाद वे क्या कर रहे हैं। आप एक ऑनलाइन डैशबोर्ड पर ऐसे डेटा वाली रिपोर्ट देख सकते हैं। आपकी मार्केटिंग के प्रदर्शन के बारे में बताने में मदद करने वाले आंकड़े दिखाने के अलावा, Analytics सुविधा आपको यह दिखा सकती है कि लोग आपके मार्केटिंग चैनलों से किस तरह इंटरैक्ट करते हैं।
आप अपने ब्रैंड के ज़रिए किसी व्यक्ति के पूरे सफ़र की जानकारी देख सकते हैं। उदाहरण के लिए, आप देख सकते हैं कि किसी व्यक्ति ने सोशल मीडिया प्लैटफ़ॉर्म पर आपकी साइट के लिंक पर कब क्लिक किया, आपकी साइट देखी, साइट से चला गया और एक टी-शर्ट खरीदने के लिए एक हफ़्ते बाद वापस आया। ऐसा करने के लिए Analytics सुविधा आपको खास लिंक बनाने देती है जिन्हें आप सोशल मीडिया पर और ऐसी दूसरी जगहों पर डाल सकते हैं, जो आपकी साइट पर मौजूद नहीं हैं। जब लोग उन लिंक पर क्लिक करते हैं, तो वे लिंक इसका ट्रैक रखते हैं, ताकि आप देख सकें कि आपका ट्रैफ़िक कहां से आ रहा है। कनिका पता कर सकती हैं कि उनकी सोशल मीडिया पोस्ट की वजह से उनकी वेबसाइट पर बहुत से लोग आ रहे हैं, लेकिन खोज में दिखने वाले विज्ञापनों से उतने क्लिक नहीं मिल रहे हैं। इसके बाद वे खोज में दिखने वाले नए विज्ञापनों को आज़माकर देख सकती हैं कि इनसे क्लिक की संख्या बढ़ती है या नहीं। 
या फिर कनिका को पता चल सकता है कि कई लोग अपनी शॉपिंग कार्ट में शर्ट डाल रहे हैं, लेकिन खरीदे बिना ही साइट छोड़ रहे हैं। वह अपनी चेकआउट प्रक्रिया को आसान बनाकर देख सकती हैं कि क्या इससे बिक्री में बढ़ोतरी होती है। शुरू करना आसान है, बस marketingplatform.google.com पर जाएं और एक खाता बनाएं। सेट अप थोड़ा तकनीकी लग सकता है, लेकिन हम इस पूरी प्रक्रिया में आपकी मदद करेंगे। खाता बना लेने के बाद, ‘एडमिन’ बटन पर जाएं। इसके बाद, ‘प्रॉपर्टी’ कॉलम में, मेन्यू से ‘नई प्रॉपर्टी बनाएं’ चुनें। आपकी ‘प्रॉपर्टी’ बस उस वेबसाइट या ऐप्लिकेशन का नाम है, जिसे आप ट्रैक करना चाहते हैं। आप हर खाते में ज़्यादा से ज़्यादा 50 नाम जोड़ सकते हैं। वेबसाइट या मोबाइल ऐप्लिकेशन चुनें और अपनी वेबसाइट या ऐप्लिकेशन का नाम डालें। अगर आप कोई वेबसाइट ट्रैक करना चाहते हैं, तो अपना यूआरएल डालें। आपसे पूछा जाएगा कि आपकी वेबसाइट अपने डोमेन के लिए http:// या https:// में से किसका इस्तेमाल करती है।
इसके बाद, आपसे उद्योग की श्रेणी (जैसे प्लम्बिंग या बेकरी) चुनने को कहा जाएगा और आप जिस जगह पर हैं, वहां का समय क्षेत्र पूछा जाएगा। इसके बाद ‘ट्रैकिंग आईडी हासिल करें’ पर क्लिक करें। आप इस आईडी को अपनी वेबसाइट के कोड में डालेंगे, जिससे वह सारी जानकारी Analytics सेवा को भेज देगी। ‘ट्रैकिंग आईडी हासिल करें’ पर क्लिक करते ही आपकी ‘प्रॉपर्टी’ बना दी जाएगी, लेकिन डेटा इकट्ठा करना शुरू करने के लिए आपको अपनी वेबसाइट पर ट्रैकिंग कोड सेट अप करना होगा। फ़िक्र न करें – कोड सेट अप करने के लिए यह ज़रूरी नहीं है कि आपको उसमें महारत हासिल हो।
ट्रैकिंग कोड JavaScript का वह हिस्सा है, जिसे आप कॉपी करके अपने वेब पेजों के कोड में पेस्ट करें। कोड हासिल करने के लिए, ‘एडमिन’ टैब में अपनी ‘प्रॉपर्टी’ पर वापस जाएं। अगर आपकी अलग-अलग वेबसाइट या ऐप्लिकेशन हैं जिनके लिए आप डेटा इकट्ठाकरना चाहते हैं, तो आपको किसी एक खास वेबसाइट या ऐप्लिकेशन को चुनना होगा। ‘प्रॉपर्टी’ में, आप ट्रैकिंग कोड पर क्लिक कर सकते हैं, जिससे आपका ट्रैकिंग आईडी पेज में सबसे ऊपर दिखाई देगा। इस कोड को कॉपी करें और इसे अपने हर उस पेज में जोड़ें, जिससे (बेहतर होगा कि सभी पेज में जोड़ें) आप डेटा इकट्ठा करना चाहते हैं। आपकी वेबसाइट के प्रकार (जैसे कि, स्टैटिक या डायनामिक) के आधार पर यह प्रक्रिया अलग-अलग हो सकती है। 
वेब होस्ट करने वाली कुछ सेवाओं को सिर्फ़ ट्रैकिंग आईडी की ज़रूरत होती है। दूसरों के साथ, आपको उस वेबसाइट के हर एक वेब पेज पर लंबा वाला “ट्रैकिंग आईडी कोड स्निपेट” जोड़ना होगा, जिसे आप ट्रैक करना चाहते हैं। आपकी वेबसाइट के लिए ट्रैकिंग कोड स्निपेट वेबसाइट ट्रैकिंग में दिखाया जाएगा।अपनी साइट पर अपना ट्रैकिंग कोड सेट अप करने के बाद आपकी रिपोर्ट में डेटा दिखाई देने में 24 घंटे तक लग सकते हैं। जब आप डेटा इकट्ठा करना शुरू करेंगे, तो आप देख सकेंगे कि आपकी मार्केटिंग कितने अच्छे तरीके से काम कर रही है और आप अहम जानकारी का इस्तेमाल रणनीति से जुड़े बदलाव करने और बेहतर बनाने के लिए कर सकते हैं। 
अगर आप अपने कारोबार का ऑनलाइन विज्ञापन करने के लिए Google Ads का इस्तेमाल करते हैं, तो आप अपने खाते को Analytics से जोड़कर यह देख सकते हैं कि आपके विज्ञापन अभियान कितने असरदार हैं। आप अपनी वेबसाइट पर लोगों से जो कार्रवाई करवाना चाहते हैं (जैसे कोई चीज़ खरीदना या कोई लेख पढ़ना), उन्हें एक-एक करके तय करने के लिए आप लक्ष्य सेट अप कर सकते हैं। इसके बाद आप ऐसी रिपोर्ट देख सकते हैं जो बताती हैं कि आपके लक्ष्य हासिल हो रहे हैं या नहीं। Analytics की मदद से आप अपनी वेबसाइट और डिजिटल मार्केटिंग को बेहतर बना सकते हैं। शुरुआत करने के लिए, चलिए एक चेकलिस्ट बनाते हैं। Analytics के इस्तेमाल के लिए खुद को और अपनी वेबसाइट को अच्छी स्थिति में रखने के लिए आप जो भी कदम उठा सकते हैं, उनकी चेकलिस्ट बनाइए। 
अब बात आती है कि Google Analytics की ताकत का इस्तेमाल अपने बिजनेस में कैसे करें। Google Analytics से मुझे अपने वेब ट्रैफ़िक के बारे में क्या जानकारी मिलती है? मेरे मार्केटिंग अभियान कितनी अच्छी तरह काम कर रहे हैं, यह जानने के लिए मैं Analytics का इस्तेमाल कैसे करूं? Analytics मुझे जो डेटा दिखाता है, उसे मैं मनमुताबिक कैसे बनाऊं? और भी बहुत कुछ है।
मान लीजिए कि ‘सिमी योगा सेंटर’ एक लोकप्रिय योग स्टूडियो है, जो गोवा के एक छोटे से बीच के किनारे मौजूद है। यहां दुनिया भर से लोग आकर योग सीखते हैं। योग पर्यटन के ज़रिए ‘सिमी योगा सेंटर’ का कारोबार अच्छा चल रहा है, लेकिन इस योग केंद्र की मालकिन (एक योगी जिनका नाम सिमी है) देखती हैं कि योग के लिए इस्तेमाल होने वाली चटाइयां और कपड़े विदेशी कंपनियों के बनाए हुए हैं। इसलिए वह भारतीय सामान के साथ एक ऑनलाइन स्टोर शुरू कर देती हैं। सिमी अपने स्टोर के लिए सोशल मीडिया खाते सेट अप करती हैं और उनके यहां बिक्री होने लगती है. कारोबार को तेज़ी से बढ़ाने के लिए वे कुछ और भी मार्केटिंग करना चाहती हैं, लेकिन वे तय नहीं कर पा रही हैं कि किसे टारगेट करना चाहिए या कहां विज्ञापन देना चाहिए. चलिए यह पता लगाने में उनकी मदद करते हैं कि किस तरह की जानकारी उनके लिए मददगार साबित हो सकती है। 
Google Analytics ऐसा प्रोग्राम है, जिसकी मदद से सिमी अपनी वेबसाइट और मार्केटिंग अभियानों के बारे में जान सकती हैं। Analytics ऐसी मुफ़्त सेवा है, जो आपको कई तरह का डेटा दिखाती है जैसे कि दुनिया में किन-किन जगहों से लोग आपकी वेबसाइट पर आते हैं, वे किस भाषा में बात करते हैं, वे किस उम्र और लिंग के हैं, और वे आपकी साइट पर कैसे पहुंचे। आप यह भी देख सकते हैं कि लोग मोबाइल का इस्तेमाल कर रहे हैं या डेस्कटॉप का, वे आपकी साइट पर कितनी बार आते हैं, साइट पर आने के बाद वे कहां क्लिक करते हैं, वे साइट पर कितना समय बिताते हैं और वे साइट कब छोड़ते हैं। इस सारे डेटा की मदद से आप अपनी मार्केटिंग और वेबसाइट को बेहतर बना सकते हैं।  Analytics से मिलने वाले डेटा की मदद से आप बहुत कुछ कर सकते हैं, लेकिन जिस तरह नियमित रूप से योग करना मुश्किल होता है, वैसे ही शुरुआत में बहुत कोशिशें करनी पड़ सकती हैं। 
चलिए कुछ ऐसी सलाहों के बारे में जानते हैं, जिनकी मदद से आप Analytics का इस्तेमाल अपने कारोबार के लिए कर सकते हैं। आपके आंकड़ों का एक अहम हिस्सा इस बात पर ध्यान देना है कि आपका वेब ट्रैफ़िक कहां से आ रहा है। इसके बाद, वह देखें जिससे आपको अपने दर्शकों के बारे में जानकारी मिलती है। अपने वेब ट्रैफ़िक के स्रोत जानकर आपको यह देखने में मदद मिल सकती है कि आपके अभियान कितनी अच्छी तरह से काम कर रहे हैं और यह पता लगाने में भी मदद मिलती है कि आपको अपनी मेहनत की कमाई कहां खर्च करनी चाहिए। 
Analytics में दिखाया जाता है कि आपका ट्रैफ़िक कहां से आता है, लेकिन इससे भी ज़्यादा अहम चीज़ यह दिखाई जाती है कि किन स्रोतों से लोगों के ग्राहक में बदलने की प्रक्रिया हुई है (जैसे कि बिक्री या न्यूज़लेटर साइन अप)। मान लीजिए सिमी देखती हैं कि उन्हें ऑर्गैनिक ट्रैफ़िक Google खोजों से और सोशल ट्रैफ़िक अपनी सोशल मीडिया पोस्ट से मिल रहा है। इससे पता चलता है कि किस तरह उनकी टिकाऊ उत्पादन प्रक्रिया से राज्य की महिलाओं को अच्छी नौकरियां मिल रही हैं। वह गहरी छानबीन करके पता लगाती हैं कि उनकी सोशल मीडिया पोस्ट से आने वाले लोग सबसे ज़्यादा खरीदारी करते हैं, लेकिन Google खोजों से आने वाले लोग उतनी ज़्यादा खरीदारी नहीं करते हैं या साइट पर लंबे समय तक नहीं रहते हैं। इस जानकारी के साथ, सिमी सोशल मीडिया पर ऐसी पोस्ट ज़्यादा करने का फ़ैसला करती हैं, जो उनकी कंपनी के मूल्यों पर ज़ोर डालेंगी। साथ ही, वह यह देखने के लिए खोज में दिखने वाले विज्ञापन खरीदने का फ़ैसला करती हैं कि क्या Google खोजों से लोगों को ग्राहकों में बदलने का काम बेहतर हो सकता। अपने ट्रैफ़िक को ग्राहकों में बदलने का कोई जादुई फ़ॉर्मूला नहीं है। आइडिया यह है कि आप अपने आंकड़ों के आधार पर सोच-समझकर फ़ैसले लें, फिर उन्हें परखें और यह देखने के लिए Analytics का इस्तेमाल करें कि क्या चीज़ काम करती है और क्या नहीं।
मान लीजिए कि एक चर्चित ब्रिटिश लाइफ़स्टाइल ब्लॉग में सिमी के यहां मिलने वाले योग परिधानों के बारे में लिखा गया है और उन्हें कहां से खरीदा जा सकता है, इसके लिए एक लिंक भी दिया गया है। सिमी देख सकती हैं कि उस पोस्ट की वजह से कितना ट्रैफ़िक आया है और कितनी खरीदारी हुई है. अगर यह संख्या बहुत ज़्यादा है, तो वह उस साइट के साथ साझेदारी करने की कोशिश कर सकती हैं और उसे पढ़ने वालों को खास छूट की पेशकश कर सकती हैं ताकि और भी ज़्यादा बिक्री हो। वे ‘सिमी योगा सेंटर’ के सामान को दूसरे देशों में योग पर बनी साइटों पर दिखाने की भी कोशिश कर सकती हैं या फिर अपना खुद का ‘सिमी योगा सेंटर’ ब्लॉग शुरू करके देख सकती हैं कि इससे कितना ट्रैफ़िक मिलता है और कितनी ज़्यादा बिक्री होती है। अब जबकि सिमी खोज में दिखने वाले विज्ञापन चला रही हैं, तो Analytics उन्हें ऐसे कीवर्ड और शब्द दिखाता है जिन्हें खोजकर लोग उनकी साइट पर पहुंच रहे हैं। किन शब्दों को आम तौर पर सबसे ज़्यादा खोजा जाता है, यह जानने से सिमी अपनी विज्ञापन की कॉपी और बजट में बदलाव करके उनको पूरी तरह असरदार बना पाएंगी। 
उदाहरण के लिए, अगर वे देखती हैं कि बहुत सारे लोग “योगा लेगिंग” और “योगा स्ट्रेच पैंट्स” खोजकर उनकी साइट पर आ रहे हैं, तो हो सकता है कि वे उन शब्दों की बोली बढ़ाने और “योगा पैंट्स” जैसे ज़्यादा सामान्य शब्दों की बोली कम करने पर विचार करें। ‘Analytics URL निर्माता’ का इस्तेमाल करके, आप ऐसे कस्टम यूआरएल बना सकते हैं जो ट्रैक करेंगे कि आपके लिंक पर कितनी बार क्लिक किया गया है. उदाहरण के लिए, मान लीजिए सिमी एक सोशल मीडिया पोस्ट बनाती हैं, जिसमें योग करने के लिए इस्तेमाल होने वाली चटाइयों की सेल का विज्ञापन है। वह ट्रैक कर सकती हैं कि उन्हें फ़ॉलो करने वाले कितने लोगों ने लिंक पर क्लिक किया है. इसके बाद वह देख सकती हैं कि उनमें से कितने लोगों ने चटाई खरीदी है. जब उन्हें इन आंकड़ों का पता चलेगा, तब वे ऐसी पोस्ट में बदलाव कर सकती हैं जिनसे बिक्री नहीं मिल रही है और ऐसी पोस्ट की नकल कर सकती हैं जिनसे बिक्री मिल रही है। हो सकता है कि इस कामयाबी में सिमी की ईमेल मार्केटिंग का हाथ हो, लेकिन उनके वेब विज्ञापनों का परफ़ॉर्मेंस बेहद खराब है. सिमी वेब विज्ञापनों पर या नई विज्ञापन कॉपी की जाँच पर खर्च कम करके ज़्यादा ईमेल करना शुरू कर सकती हैं. अहम बात है डेटा को परखकर और देखकर यह पता लगाना कि क्या चीज़ काम करती है। 
इस अभियान डेटा को ढूंढने के लिए, अपने Analytics खाते में जाएं और ‘प्राप्ति’ पर क्लिक करें। इसके बाद बाईं ओर वाले साइडबार में ‘सभी ट्रैफ़िक’ और ‘चैनल’ पर क्लिक करें। Analytics इस्तेमाल करने का एक और तरीका है, अपनी वेबसाइट पर अलग-अलग पेज की लोकप्रियता देखना। सिर्फ़ यह देखने की बजाय कि आपके किन पेज पर ज़्यादा ट्रैफ़िक आता है, आप ‘पेज रिपोर्ट’ में डेटा को सेगमेंट में बाँटकर यह देख सकते हैं कि ‘ट्रैफ़िक स्रोत’ क्या हैं, लोग मोबाइल पर हैं या डेस्कटॉप पर और वे पहली बार आने वाले लोग हैं या फिर से आने वाले लोग हैं। हो सकता है कि सिमी को पता चले कि उनके ‘कुरते’ वाले पेज के मुकाबले उनके ‘पैंट&’ वाले पेज को ज़्यादा लोग देखते हैं। इसके बाद वह अपनी मार्केटिंग में ज़्यादा कॉल-टू-एक्शन का इस्तेमाल करके देख सकती हैं, जिससे ज़्यादा लोग उनके ‘कुरते’ वाले पेज पर जाएं। आप Analytics का इस्तेमाल किस तरह करते हैं, यह आपके कारोबार के लक्ष्यों पर निर्भर करेगा. ‘लक्ष्य ट्रैक करना’ आपको अपने लिए लक्ष्य तय करने देता है और उनकी प्रगति पर नज़र रखता है। 
आप Analytics में चार तरह के लक्ष्य तय कर सकते हैं: अवधि, पेज, इवेंट और मंज़िल. अवधि से जुड़े लक्ष्य इस बारे में होते हैं कि लोग कितने समय तक आपकी साइट पर रहते हैं। उदाहरण के लिए, आपका लक्ष्य हो सकता है कि उपयोगकर्ता पाँच मिनट तक साइट पर रहे। पेज से जुड़े लक्ष्यों में यह शामिल होता है कि एक उपयोगकर्ता हर सत्र में कितने अलग-अलग पेज पर नज़र डालता है। आपका लक्ष्य हो सकता है कि उपयोगकर्ता तीन पेजों पर जाए क्योंकि आपका डेटा दिखाता है कि ऐसा करने वाले लोग ही ज़्यादातर खरीदारी करते हैं। आप इवेंट से जुड़े लक्ष्य तब हासिल करते हैं, जब कोई फ़ाइल डाउनलोड करता है, वीडियो देखता है या फिर आपकी पसंद की कोई चीज़ करता है। आप उन्हें छोटी-छोटी जीत मान सकते हैं और उम्मीद कर सकते हैं कि आगे चलकर उनसे आपके बड़े लक्ष्य पूरे होंगे। मंज़िल से जुड़े लक्ष्य उन लोगों के बारे में होते हैं, जो आपकी साइट पर कुछ खास पेज पर जाते हैं या कुछ खास पथ चुनते हैं। उदाहरण के लिए, मंज़िल का एक लक्ष्य यह हो सकता है कि कितने लोग आपके होमपेज से आपके सामान वाले पेज पर और वहां से आपके चेकआउट पेज पर जाते हैं। मंज़िल से जुड़े इन लक्ष्यों से यह देखा जा सकता है कि लोग आपकी साइट कहां पर छोड़ रहे हैं, इससे आपको यह पता करने में मदद मिलेगी कि आप अपना यूएक्स (UX यानी उपयोगकर्ता अनुभव) किस तरह बेहतर कर पाएंगे। आप अपने खाते के ‘एडमिन’ सेक्शन में नए लक्ष्य सेट अप कर सकते हैं। 
अपने आंकड़ों पर वाकई गहराई से नज़र डालने के लिए, आप ग्राहक सेगमेंट बना सकते हैं जिनमें आपके मनमुताबिक बनाए जा सकने वाले खास पैमाने के आधार पर डेटा दिख सकता है। उदाहरण के लिए, हो सकता है कि सिमी यह जानना चाहें कि इस महीने अमेरिका में उनके सोशल मीडिया का परफ़ॉर्मेंस कैसा चल रहा है। वह यह देखने के लिए एक ग्राहक सेगमेंट बना सकती हैं कि पिछले चार हफ़्तों में सोशल मीडिया से उनकी साइट पर आने वाले लोगों में कितने लोग अमेरिका के हैं। अगर वे देखती हैं कि अमेरिकी लोग उनके सामान की बेतहाशा खरीदारी कर रहे हैं, तो गहरी छानबीन से उन्हें पता चल सकता है कि कैलिफ़ोर्निया के लोगों को ‘सिमी योगा सेंटर’ खास तौर पर पसंद है। इसके बाद वह अपनी ज़्यादातर मार्केटिंग उसी राज्य के हिसाब से कर सकती हैं। इस बात की कोई सीमा नहीं है कि आप डेटा के कितने कॉम्बो का सेगमेंट बना सकते हैं। रिपोर्टिंग इंटरफ़ेस में ‘नेविगेशन बार’ के नीचे वाली ‘सेगमेंट बनाएं’ टाइल पर क्लिक करके किसी भी रिपोर्ट से एक नया सेगमेंट बनाएं. बस अपने सेगमेंट का नाम रखें और अपने फ़िल्टर सेट करें। Analytics के ज़रिए सेगमेंट बनाकर आप डेटा को अपनी पसंद के पैमानों में बाँट सकते हैं। 

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